जसराना (फिरोजाबाद)। थाना जसराना पुलिस के भारतीय किसान यूनियन (किसान) के युवा जिलाध्यक्ष को तमंचा सहित पकड़कर जेल भेजने पर आक्रोशित किसान नेताओं ने थाना जसराना का घेराव किया। इस दौरान उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई। किसान नेताओं ने एसएसपी से मिलने की बात कही। पुलिस ने उचित कार्रवाई की आश्वासन दिया है।
बृहस्पतिवार देर शाम भारतीय किसान यूनियन (किसान) के युवा जिलाध्यक्ष बिरजू यादव का गाड़ी हटाने को लेकर पुलिस से विवाद हो गया। इस दौरान पुलिस ने तलाशी में एक तमंचा एवं सात कारतूस मिलने की बात कहते हुए उन पर मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस की कार्रवाई से किसान नेताओं में आक्रोश फैल गया। यूनियन के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव शिवप्रताप सिंह के नेतृत्व में किसान नेता थाने पहुंचे और कोतवाल से बात की।
इस दौरान किसान नेताओं ने पुलिस पर गलत तरीके से फंसाने का आरोप लगाते हुए किसान नेता के साथ चौराहे पर मारपीट करने की बात कही। किसान नेताओं ने कहा कि यूनियन को बदनाम करने के लिए पुलिस की ओर से कार्रवाई की गई है। इस दौरान पुलिस के साथ किसान नेताओं की जमकर नोकझोंक भी हुई।
संगठन के पदाधिकारियों ने इस संबंध में एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई करने की मांग की है। थाने में प्रदर्शन करने वालों में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजेंद्र सिंह टाईगर, जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह यादव, जिला उपाध्यक्ष सुनील यादव, ब्लाक अध्यक्ष सतेंद्र वर्मा, लालू, देवेंद्र, शिवकुमार, पिंटू यादव शामिल रहे।
यूनियन के पदाधिकारी के साथ पुलिस के मारपीट करने के साथ ही गलत तरीके से तमंचा लगाकर जेल भेजा गया है। एसएसपी से मिलकर उन्हें प्रार्थना पत्र देकर पुलिस के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है। पुलिस के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो यूनियन आंदोलन करने का कार्य करेगी।
शिवप्रताप सिंह, राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव भाकियू किसान
गाड़ी हटाने की कहने पर की युवक ने पुलिस के साथ अभद्रता की थी। वहीं तलाशी के दौरान उससे एक तमंचा एवं सात कारतूस मिले हैं। मारपीट नहीं की गई है।
फतेह बहादुर सिंह भदौरिया, कोतवाल जसराना