समेकित शिक्षा दो साल से बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। समेकित शिक्षा अभियान के तहत जिले में मूक बाधिर बच्चों के लिए दबरई स्थित ब्लाक संसाधन केंद्र में संचालित आवासीय शिविर दो साल से बंद है। यहां सुनने, बोलने और देखने में असमर्थ बच्चों को चयनित कर विशेषज्ञ शिक्षकों उन्हें शिक्षित करते थे।
ब्रेललिपि से मूक बाधिर बच्चों की प्रतिभा को निखारा जाता था। कोरोनाकाल के बाद शासन ने ध्यान नहीं दिया है। ऐसे में मूक बाधिर शिविर स्थल पर ताला लटका है। शिविर में कोरोना काल से पहले 120 बच्चों को हर वर्ष ब्रेललिपि और विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा प्रशिक्षित किया जाता था। शिविर वर्ष 2005 से नियमित संचालित हो रहा था। शिविर न संचालित होने से दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा निखर नहीं पा रही है।
- समेकित शिक्षा अभियान के तहत जो शिविर संचालित होता था, वह कोरोना काल से बंद है। शासन स्तर से अभी कोई गाइड लाइन नहीं मिली है। कैंप में विशेषज्ञ शिक्षकों की मदद से बच्चों की प्रतिभा को निखारा जाता था। शासन से आदेश आते ही शिविर शुरू करा दिया जाएगा।
- अजय पांडेय, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा