फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बूंदाबांदी ने और बढ़ा दी ठंड

विज्ञापन
फिरोजाबाद ! शनिवार को सुबह से ही हुई बूंदाबांदी के बीच नहीं हुए सूर्य देव के दर्शन - फोटो : FIROZABAD
विज्ञापन
फिरोजाबाद। जिले में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट बदल ली। आसमान में घटाएं घिरने के साथ हल्की बूंदाबांदी का क्रम पूरे दिन चलता रहा। हल्की बारिश के साथ सर्दी बढ़ गई। सर्दी बढ़ने के साथ ही बाजार में गर्म कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रही। एसआरके कॉलेज के समीप लगे तिब्बत बाजार में बड़ी संख्या में खरीदार पहुंचे।
विज्ञापन

मौसम का मिजाज पिछले दो दिनों से काफी बदला-बदला है। शुक्रवार को आसमान में घटाएं घिरी रहने के कारण सूरज के दर्शन नहीं हो सके थ। कमोवेश यही हाल शनिवार सुबह भी रहा। घटाओं के घिरने के साथ ही हल्की बूंदाबांदी का क्रम सुबह से लेकर शाम तक चलता रहा।
बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। शनिवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियम और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शीत लहर के शुरू होने के कारण बाजारों में गर्म कपड़ों की बिक्री शुरू हो गई। कोटला रोड स्थित एसआरके कॉलेज प्रांगण में तिब्बत बाजार में खरीदारी करने वालों की शाम को भीड़ लगी रही। ।
विज्ञापन

.....
बदलते मौसम ने बढ़ाई किसानों की चिंता,
फिरोजाबाद। जिले में हल्की बूंदाबांदी ने अन्नदाता की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में धान की फसल खुले में पड़ी होने पर किसान चिंतित नजर आए। बूंदाबांदी के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ गेहूं की फसल की बुवाई का काम प्रभावित होगा।
बदलता मौसम इस बार अन्नदाता की मुसीबतें बढ़ा रहा है। अक्तूबर माह में बारिश होने के कारण जिले में आलू, सरसों, गेहूं और जौ की फसल की बुवाई में देरी हो गई थी। कई किसान दोबारा से फसल बोने के लिए मजबूर हुए। अब नवंबर माह के तीसरे सप्ताह में बूंदाबांदी ने किसानों की चिंता एक बार फिर बढ़ा दी। जिले के जसराना, अरांव, एका और हाथवंत ब्लॉक क्षेत्र के कई गांवों में धान की फसल बोई जाने के कारण किसान परेशान नजर आए।
किसानों के अनुसार, धान बोने वाले खेत पहले से गीले हैं और उनको सूखने में देरी हो जाने के कारण गेहूं की फसल की बुवाई नहीं हो सकेगी। यदि ज्यादा बारिश हुई तो आलू के साथ सरसों की फसल प्रभावित होगी। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी रविकांत सिंह ने कहा कि हल्की बूंदाबांदी से फसलों को हानि नहीं होगी। धान की फसल प्रभावित होने के साथ ही फसल को काटने के बाद गेहूं की फसल की बुवाई का काम प्रभावित होगा। आलू, गेहूं की फसल के लिए हल्की बूंदाबांदी तो लाभदायक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें