फिरोजाबाद। परिषदीय स्कूल के शिक्षक अब गांव व मोहल्ले में रह रहे बच्चों के घर घर जाकर उनके अभिभावकों को भी दीक्षा एप के बारे में जानकारी देंगे। एप को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक प्रयोग में लाकर बच्चों की पढ़ाई को प्रभावित होने से रोकने के लिए शिक्षक इसके लिए अभिभावकों को प्रेरित करेंगे।
साथ ही एप डाउनलोड करने के बाद इसके प्रयोग का तरीका भी बताएंगे। हर एक शिक्षक अपने विद्यालय से जुड़े गांव व मोहल्लों में आसपास के 10 छात्र-छात्राओं व अभिभावकों को दीक्षा से जोड़ने, उसके इस्तेमाल और गतिविधियों के बारे में जानकारी देंगे। वही अध्यापकों को इसकी हर दिन की रिपोर्ट तैयार कर विभाग को सौंपनी होगी।
कोरोना संक्रमण के चलते शासन की ओर से फिलहाल स्कूल खोलने के कोई दिशा निर्देश नहीं मिले हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसको देखते हुए शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों की पढ़ाई को ऑनलाइन माध्यम से जारी रखा गया है। शासन की ओर से परिषदीय स्कूलों में बच्चों को अब दीक्षा एप के जरिए पढ़ाई कराने के आदेश मिले हैं।
ऐसे में दीक्षा एप को और बढ़ावा देने और उसका इस्तेमाल बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने योजना बनाई है। इसमें शिक्षक अपने विद्यालय और आसपास के छात्र और उनके अभिभावकों को इससे जोड़कर उन्हें उसके बारे में जानकारी देंगे। प्रभारी बीएसए विनोद पांडेय ने बताया कि स्कूलों में तैनात शिक्षकों द्वारा बच्चों के घर-घर जाकर दीक्षा एप को डाउनलोड कराया जाएगा। अभिभावकों को भी जागरूक किया जाएगा।
चित्रों के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाएगा
दीक्षा एप में कक्षा एक से आठ तक सभी विषयों के पाठ्यक्रम को समाहित किया गया है। किस कक्षा में किस पाठ को पढ़ना हैं, उसको क्लिक करते ही वह प्रारंभ हो जाएगा। दीक्षा एप को डाउनलोड करने के बाद जहां बच्चों की पढ़ाई आसान होगी तो वह शिक्षकों का बोझ भी हल्का हो जाएगा।