चिकित्सालय के सामने ओपीडी में बीमार बच्चों को दिखाती महिलाएं।
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फिरोजाबाद। मंगलवार को भी जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। खून जांच और दवा लेने के साथ ही चिकित्सक को दिखाने के लिए मरीजों को दो से तीन घंटे तक लाइन में लगना पड़ा। भीड़ के चलते बच्चों को सबसे अधिक दिक्कत हो रही थी।
डेंगू और वायरल फीवर का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में हर रोज इजाफा होने के साथ ही मंगलवार को काफी भीड़ रही। जिला अस्पताल के साथ बाल रोगियों की ओपीडी में मरीजों और तीमारदारों को पर्चा बनवाने के लिए एक से दो घंटे तक लाइन में लगना पड़ा। इसके बाद चिकित्सक को दिखाने के लिए भी लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। वहीं बाल रोगियों के खून की जांच के लिए रोगियों को देरशाम तक अपनी बारी का इंतजार करने के लिए विवश होना पड़ा था।
सरकारी ट्रॉमा सेंटर में भी मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड नहीं थे। तो चिकित्सक मरीजों को 36 नंबर कमरे में दिखाने के लिए भेज रहे थे। ऐसे मे कुछ ऐसे भी मरीज थे। जो दर्द और बुखार के कारण न तो खड़े हो पा रहे थे और न ही चल पा रहे थे। ऐसे मरीजों को भी सरकारी ट्रॉमा सेंटर से 36 नंबर कमरे में भेजा जा रहा था। जिससे मरीज के साथ तीमारदारों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। दवा लेने के लिए मरीजों और तीमारदारों के बीच आपाधापी की स्थिति देखने को मिल रही थी।