फिरोजाबाद। जिले में आतिशबाजी के 55 लाइसेंस धारक हैं। इनमें से विभिन्न कंपनी की आतिशबाजी बेचने वालों ने 25 दुकानदार शामिल हैं। इनमें से अधिकांश दुकानदारों की दुकानें घने बाजार में हैं। इन दुकानों पर आतिशबाजी का स्टॉक भी रहता है। त्योहार पर अन्य स्थानों पर भी आतिशबाजी का भंडारण होने लगा है। जबकि आगरा के शाहगंज नई आबादी क्षेत्र में रविवार को हुई घटना के बाद यहां भी अभी से सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिले में पटाखों के निर्माण एवं बिक्री करने के लाइसेंस धारकों की संख्या 55 है। इनमें निर्माण करने वाले लाइसेंस धारकों की संख्या तीस है। सदर तहसील में 12, टूंडला, शिकोहाबाद में चार-चार हैं। सिरसागंज एवं जसराना में पांच-पांच लाइसेंस धारक हैं। कंपनी द्वारा निर्मित आतिशबाजी की बिक्री करने वाली दुकानों की संख्या 25 है। इनमें सदर तहसील (फिरोजाबाद शहर) में 14, जसराना में दो, शिकोहाबाद में पांच, टूंडला में तीन व सिरसागंज में एक है। कंपनी द्वारा निर्मित पटाखों के लाइसेंस धारकों द्वारा आबादी क्षेत्र में मंगाकर पटाखों को रखा जा रहा है। स्टेशन रोड, सीवी मार्केट, जलेसर रोड, गांधी पार्क चौराहा, पीडी जैन कॉलेज के निकट आतिशबाजी की दुकानें खुली हुई हैं।
कंपनी से निर्मित पटाखों के लाइसेंस उसी क्षेत्र में दिए जा रहे हैं जहां फायरब्रिगेड की गाड़ी आसानी से पहुंच जाती है। कंपनी से निर्मित होने वाले पटाखों में विस्फोट की संभावना काफी कम रहती है। लाइसेंसधारी दुकानदारों को पानी भरकर रखने, बालू के साथ अंदर बिजली का कोई स्विच नहीं होने की हिदायत दी गई है।
जशवीर सिंह - सीएफओ फिरोजाबाद।
पटाखों से जनपद में हुए हादसे
- 23 अप्रैल 2018 में गांव धातरी पटाखे के निर्माण के दौरान हुए विस्फोट में सिराज की मौत हो गई थी।
- 20 फरवरी 2016 को सिरसागंज के मोहल्ला मियां बाजार में हुए विस्फोट में शकूरन बेगम पत्नी इसरार।
- 2008 में मियां बाजार में हुए विस्फोट में इसरार के भाई पप्पू एवं उनके तीन वर्ष के बेटा की मौत हुई थी।
- सिरसाखास में चार वर्ष पूर्व विस्फोट के दौरान एक व्यक्ति की हुई थी मौत। यहां बनाए जा रहे थे पटाखे।
- जसराना के कसबा पाढ़म में 2015 में पटाखों का निर्माण किए जाने के दौरान हुए विस्फोट में युवती की हो गई थी मौत।
- 2012 में थाना रसूलपुर क्षेत्र के नया रसूलपुर (नीबू वाला बाग) में पटाखों के भंडारित किए जाने के कारण दो लोगों की हुई थी मौत।