मुख्य अभियंता कार्यालय पर धरना देते हुए संविदाकर्मी। संवाद।
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के संविदा कर्मचारियों ने अपनी लंबित समस्याओं के समाधान के लिए किया जा रहा कार्य बहिष्कार बुधवार को भी जारी रहा। मुख्य अभियंता कार्यालय पर संविदाकर्मियों ने धरना दिया। कार्य बहिष्कार से फॉल्ट ठीक होने में दिक्कतें आईं।
प्रदेश महामंत्री देवेंद्र कुमार पांडेय के नेतृत्व में 16 से 18 मई तक प्रदेशभर के 75 जिलों में सत्याग्रह कार्यक्रम आयोजित किया गया, लेकिन पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया। इसके बाद कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार की घोषणा की। संविदा कर्मचारी संघ के कोषाध्यक्ष ज्ञान सिंह ने बताया कि यदि प्रबंधन ने अपना अड़ियल रवैया बदला और कर्मचारियों की समस्याओं पर विचार नहीं किया, तो यह आंदोलन और बढ़ सकता है। संविदा कर्मचारियों की प्रमुख समस्याओं में अनुरक्षण, उपकेंद्र परिचालन, कंप्यूटर ऑपरेटर के कार्यों के अनुसार अनुबंध, समान कार्य के लिए समान वेतन, 55 वर्ष के हवाले से छटनी, मस्टरोल व्यवस्था के तहत समायोजन और विद्युत निगमों का निजीकरण रोकने की मांगें शामिल हैं। कार्य बहिष्कार में प्रीतम सिंह, मनोज शंखवार, अभिलाख यादव, जयवीर सिंह, और शिव कुमार यादव समेत जिले के तमाम संविदा कर्मचारी शामिल थे।