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लीक पाइपलाइन से हो रही दूषित पानी की आपूर्ति

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रफ़रोजाबाद ! लाइन लीकेज होने के कारण सड़क पर बर्बाद होता पानी - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। जेड़ाझाल परियोजना के तहत जल निगम द्वारा शहर में डाली गई पाइपलाइन लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। 20 से अधिक स्थानों पर पाइपलाइन लीक है लीकेज ठीक कराने के लिए जलकल विभाग के कंट्रोल रूम में लोग शिकायत दर्ज करा रहे है। इसके बावजूद जल निगम के अफसर लीकेज को ठीक कराने की सुध नहीं ले रहे है। इससे लोगों को दूषित और बदबूदार पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है। यही कारण है कि डेंगू और वायरल के प्रकोप के बीच डायरिया के मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे है।
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जलकल विभाग के कंट्रोल रूम में पाइपलाइन लीकेज की प्रतिदिन पांच से सात शिकायतें पहुंच रही है। इसमें सर्वाधिक शिकायतें जेड़ाझाल परियोजना के तहत शहर में डाली गई पाइप लाइन की है। सर्वाधिक लीकेज अब्बासनगर और हस्मतनगर में है। जलकल विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि दोनों क्षेत्रों में करीब 12 से 14 स्थानों पर लीकेज है।
इन्हें कई बार ठीक किया जा चुका है लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। सुराज अली के प्लॉट के पास कई बार लीकेज को ठीक किया जा चुका है लेकिन यहां अक्सर लाइन लीक हो जाती है। दतौजी स्थित मस्जिद के पास जेड़ाझाल के तहत डाली गई पाइपलाइन में लीकेज है। इस संबंध में क्षेत्रीय लोग जलकल और जल निगम के अफसरों को अवगत करा चुके है। नगला पान सहाय के समीप गैस गोदाम के पास लीकेज है, जो आज तक ठीक नहीं हो सकी है। नगर निगम के अफसरों का कहना है कि इस संबंध में कई बार जल निगम को पत्राचार किया जा चुका है लेकिन अभी तक समस्या का निस्तारण नहीं हो सका है।
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पानी का प्रेशर नहीं झेल पा रही लाइनें
विभागीय अधिकारियों की मानें तो जल निगम द्वारा जेड़ाझाल परियोजना के अंतर्गत डाली गई पाइपलाइन पानी का प्रेशर नहीं झेल पा रही है। खेड़ा गनेशपुर के साथ लालपुर और दीदामई क्षेत्र में कई स्थानों पर पाइप लाइन फटने से पानी का संकट खड़ा हो जाता है। इन्हें ठीक कराने के लिए कई बार पत्राचार किया गया है। जल निगम के अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
पानी के प्रेशर के साथ लाइनें फट रही है। अब्बास नगर और हस्मतनगर के समीप 12 से अधिक स्थानों पर लाइन लीकेज है। इस संबंध में कई बार जल निगम के अधिकारियों को पत्राचार किया गया लेकिन जल निगम के अफसर पत्र लेने से मना कर देते है। इसके चलते दिक्कत होती है। पानी की आपूर्ति बाधित न हो। वहां पर जलकल विभाग के कर्मचारियों को भेजकर लाइन को ठीक कराया जाता है।
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रामबाबू राजपूत, महाप्रबंधक जलकल
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