फिरोजाबाद। रत्नत्रय नसियाजी मंदिर में जैनाचार्य विवेक सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में भगवान शीतलनाथ का मोक्ष कल्याण महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर भक्तों ने विधिविधान के साथ निर्वाण लाडू चढ़ाया। मंदिर में शीतलनाथ भगवान का मस्तकाभिषेक भी किया। जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा।
आचार्य विवेकसागर ने प्रवचन में कहा कि व्यक्ति की सारी ऊर्जा जहां आकर किसी भी एक तत्व या बिंदु पर केंद्रित हो जाती है। वहीं नई शक्ति जागृत होती है। शरीर की साधना होने से व्यक्ति को किसी भी प्रकार के दु:ख दर्द का एहसास नहीं होता है। व्यक्ति के लिए विचारों की साधना एक काम है और शरीर की साधना दूसरा काम है। मन की साधना तीसरा काम है। व्यक्ति इन तीनों साधनाओं में मिश्रित रूप से जीता है। जब व्यक्ति भीतर की समग्रता को किसी तत्व से ले जाकर जोड़ लेता है। तभी ऐसी अनुभूति हो सकती है। इस मौके पर जिले भर के अन्य जैन मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई। संवाद