ग्रामीणों में मची भगदड़
अंतिम संस्कार के लिए गए लोगों को चीखते हुए भागते देख ग्रामीण सकते में आ गए। मधुमक्खियों का हमला ऐसा था कि कुछ ही देर में किसी कि होंठ, गाल, नांक, आंख, हाथ-पैर न सिर्फ सूज गए बल्कि दर्द से उनकी चीखें निकल रहीं थीं। मधुमक्खियों के हमले में 30 से अधिक लोग घायल हो गए। ग्रामीणों ने सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां ग्रामीण ओली सिंह की हालत गंभीर होने पर आगरा रेफर कर दिया गया। इधर घटना कि जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। थाना प्रभारी का कहना है कि मधुमक्खियों के हमले में गांव के कई लोग घायल हुए हैं। शाम को वृद्धा के शव का अंतिम संस्कार दूसरे स्थान पर कराया गया है।
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मधुमक्खियों के हमले से घायल
30 से ज्यादा घायलों में रघुनाथ फौजी, रामखिलाड़ी, सुनील, सौरभ, रामदास, नाहर सिंह, मुकेश, अवनीश, राजपाल, मुकेश, पवन, कोमल सिंह, ओमप्रकाश, गिरधारीलाल, रामनाथ सिंह, सुभाष चंद्र, नरेश कुमार, धर्मेंद्र सिंह, कृष्णकांत, कपिल कुमार, विकास, अतुल, सुनील शामिल हैं। जबकि वृद्धा के पुत्र मुकेश के अलावा गांव अमन व अवनी की हालत गंभीर बनी हुई है।
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आठ घंटे बाद हो सका अंतिम संस्कार
मधुमक्खियां के हमले से ग्रामीणों में इस कदर भयभीत हो गए कि वह शव का अंतिम संस्कार तो दूर वहां पहुंचने तक की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। परिवार के लोग कंबल ओढ़कर, चेहरा ढकते हुए सड़क पर खड़े होकर मधुमक्खियों के शांत होने का इंतजार कर रहे थे। मौके पर पहुंची पुलिस भी असहाय खड़ी रही। बाद में दूसरे स्थान पर शव को ले जाकर शाम साढे़ पांच बजे के बाद वृद्धा का अंतिम संस्कार हो सका।