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UP: तीन दिन से सो नहीं सका...जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय के बाबू का दर्द, साढ़े तीन पेज का लिखा सुसाइड नोट

Sat, 26 Jul 2025 12:18 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

फिरोजाबाद के जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में तैनात बाबू के सुसाइड नोट ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, तो वहीं बाबू का पता नहीं लगने से परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। 
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बाबू और सुसाइड नोट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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फिरोजाबाद के जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में तैनात लिपिक बृहस्पतिवार की देर रात से गायब हैं। परिजनों को सुबह जागने के बाद मेज पर एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें आगरा मंडल स्तरीय एक अधिकारी पर भी आरोप लगाए हैं। लिपिक की पत्नी ने शुक्रवार को एसएसपी से मिलकर मामले की शिकायत की है। साथ ही सुसाइड नोट भी पुलिस को दिया है। पत्नी ने शुक्रवार को एसएसपी से मुलाकात कर शिकायती पत्र और सुसाइड नोट सौंपा। रामगढ़ थाने में लिपिक की गुमशुदगी दर्ज कराई गई है।
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थाना रामगढ़ के भीकनपुर मेघपुर निवासी अनिल कुमार जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात हैं। उक्त लिपिक बृहस्पतिवार की देर रात से लापता हैं। एक कमरे में मेज पर साढ़े तीन पन्ने का सुसाइड नोट भी परिजन को मिला है। शुक्रवार को लिपिक की पत्नी गुड्डी देवी ने एसएसपी से शिकायत करते हुए बताया कि कार्यालय के काम में इतना व्यस्त रहते हैं कि ठीक ढंग से आराम करने का समय भी नहीं मिल पाता है। बीजाें की विक्रय धनराशि को पति को भी अपने वेतन से जमा करना पड़ता था। जबकि यह जिम्मेदारी प्रभारी योजना की होती है। उनके पति को प्रताड़ित किया जा रहा था। जिला उद्यान अधिकारी, उप निदेशक उद्यान, दैनिक श्रमिक राजकीय पौधशाला, सहायक उद्यान निरीक्षक, कनिष्ठ सहायक, द्वारा उनके खिलाफ साजिश साजिश रची जा रही थी। इन पांचों ने फर्जी नामों से अवैध वसूली करने की शिकायत कराई। निलंबित करने की धमकी दी जा रही थी। इससे परेशान होकर उनके पति 24 जुलाई की रात दो बजे घर पर सुसाइड नोट छोड़ कर चले गए।

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तीन पेज का सुसाइड नोट
लिपिक ने बृहस्पतिवार की रात ही एक साढ़े तीन पेज का सुसाइड नोट लिखा था। जिसमें अंतिम शब्द रात 1:27 बजे लिखा गया। जिसमें लिखा है कि लिपिक के पिता भी इस विभाग में तैनात थे। जिनका 2005 में निधन हो गया था। मृतक आश्रित के रूप में उसकी नौकरी लगी थी। वह नवंबर 2005 से नौकरी कर रहे हैं। तत्कालीन जिला उद्यान अधिकारी बलजीत सिंह की कार्यशैली की सराहना करते हुए लिखा है कि वर्ष 2017 में उनका तबादला होने के बाद उनसे भी अपना तबादला कराने का प्रयास किया सफलता नहीं मिली। उसके खिलाफ उप निदेशक उद्यान आगरा मंडल से कुछ किसानाें के नाम झूठी व फर्जी शिकायत कराई गई।

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तीन दिन से सो नहीं सका 
 शिकायती पत्र पर किसी शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर और मोबाइल नंबर अंकित नहीं था। इस संयुक्त पत्र में उसकेे खिलाफ आरोप लगाए गए थे। तत्कालीन जिला उद्यान अधिकारी डा. संजीव कुमार वर्मा के कार्यकाल में ही इन सभी का निस्तारण करा दिया गया था। फिर भी कुछ अधिकारी उसके खिलाफ पत्र लिख कर उसका मानसिक उत्पीड़न करते रहे। इस कारण वह तीन दिन से नहीं सो सके। उसे यह पता है कि उसके आत्महत्या करने से उसकी पत्नी-बच्चों को नौकरी नहीं मिलेगी, बच्चाें की पढ़ाई भी रुक सकती है। किंतु वह और अधिक अपना टार्चर सहन नहीं कर सकता। आगरा मंडल स्तरीय एक अधिकारी उसे निलंबित करने की साजिश रच रहे हैं। इसलिए यह पत्र घर पर छोड़ कर वह आत्महत्या करने जा रहा है। वह अपने परिवार से क्षमाप्रार्थी है। सभी को राम-राम। सादर प्रणाम।

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पुलिस प्रशासन को दी गई जानकारी 
जिला उद्यान अधिकारी अनीता सिंह ने बताया कि विभाग में तैनात कनिष्ठ सहायक अनिल कुमार के गायब होने और सुसाइड नोट छोड़ने के संबंध में पुलिस प्रशासन को जानकारी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि परिजन द्वारा जो आरोप लगाए जा रहे हैं। वह निराधार हैं। विभाग की ओर से अनिल के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उप निदेशक उद्यान के निर्देश पर सिर्फ स्पष्टीकरण मांगा गया था।
 
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