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UP: ऑनलाइन मंगाया जहर... दही में घोलकर पति को दो बार खिलाया, 'कातिल' ने इसलिए दो बच्चों के पिता को मार डाला

Sat, 26 Jul 2025 08:44 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, फिरोजाबाद

सार

फिरोजाबाद के टूंडला के सुनील की हत्या में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पत्नी ने प्रेमी के लिए सुहाग का कत्ल कर दिया। पत्नी ने प्रेमी के मदद से ऑनलाइन जहर मंगवाया और दही में मिलाकर खिला दिया। पुलिस ने पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।
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firozabad murder - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फिरोजाबाद के टूंडला में पुलिस ने युवक सुनील की संदिग्ध मौत का खुलासा कर दिया है। सुनील की हत्या में उसकी पत्नी शशि और उसके प्रेमी यादवेंद्र को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया है। 
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पुलिस के अनुसार, शशि ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति सुनील को दही में जहरीला पदार्थ मिलाकर मार डाला था। एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि टूंडला के गांव उलाऊ निवासी सुनील की मां रामढकेली ने 24 जुलाई को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

तहरीर में महिला ने अपने बेटे की मौत के लिए उसकी पत्नी और प्रेमी को जिम्मेदार ठहराया था। जांच में सामने आया कि सुनील की पत्नी शशि और गांव के ही यादवेंद्र के बीच पिछले एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। 
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प्रेमी के सहयोग से पत्नी ने ऑनलाइन मंगाया जहर
सुनील उनके रिश्ते में बाधा बन रहा था, इसलिए दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पत्नी शशि ने प्रेमी के सहयोग से जहरीला पदार्थ ऑनलाइन मंगाया और 12 मई को सुनील को दही में मिलाकर दे दिया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। 

पत्नी दूसरी बार भी दिया जहर
उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां थोड़ा सुधार होने पर परिजन उसे घर ले गए। इसके बाद 14 मई को शशि ने दोबारा सुनील को दही में जहर दिया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई और परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। यदि सुनील की मां शिकायत न करतीं, तो हत्यारे बच जाते।

ऑनलाइन मंगाया था जहर, दो बच्चों का था पिता
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने इंदौर की एक हत्या के मामले से प्रेरित होकर जहरीला पदार्थ ऑनलाइन मंगाया था। मृतक सुनील यादव की शादी 12 साल पहले शशि से हुई थी और उनके दो बच्चे, 10 वर्षीय अंशु और 6 वर्षीय दीपांशी हैं। सुनील खेती के साथ-साथ फिरोजाबाद में नौकरी भी करता था। अब पिता की मौत और मां के जेल जाने से दोनों बच्चे अकेले पड़ गए हैं।

 
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पोस्टमार्टम न होने से पुलिस के लिए चुनौती
इस मामले में पुलिस को न्यायालय में अपनी बात साबित करने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि मृतक के शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था। हालांकि, पुलिस ने सुनील के कपड़े, चादर और कॉल डिटेल को साक्ष्य के तौर पर रखा है, जिससे वे इस जघन्य अपराध को साबित कर सकें।
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