ट्राॅमा सेंटर पर हंगामा करते तीमारदार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद के सरकारी ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल सोमवार को एक बार फिर खुल गई है। मरीज के साथ आए तीमारदार को न तो वार्ड बॉय मिला और न ही साफ चादर। रोगी को वार्ड तक ले जाने के लिए तीमारदार को खुद स्ट्रेचर खींचना पड़ा। बेड पर बिछी चादर पर खून के निशान देखकर तीमारदार भड़क गए। बाजार से दवाएं मंगाने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए लोगों ने हंगामा किया।
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चौकी गेट निवासी चंद्र प्रकाश जैन ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 10 बजे वह बहन हीरादेवी जैन (72) को अचेत होने पर ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे थे। स्ट्रेचर और वार्ड बॉय की तलाश की गई। काफी प्रयास के बाद भी कोई कर्मचारी नहीं मिला। मजबूरन खुद स्ट्रेचर की व्यवस्था कर मरीज को वार्ड तक ले गए। वहां वार्ड में मरीज को जिस चादर पर लिटाया गया उस पर खून के पुराने धब्बे लगे हुए थे। चंद्र प्रकाश जैन ने आरोप लगाया कि अस्पताल में जरूरी दवाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।