- महिला किराएदार ने एसडीए को दिया अनुमति न दिए जाने को पत्र, जैन समाज में रोष
- बैठक में नहीं हुआ कोई समाधान, एसडीएम से मांगी अनुमति
संवाद न्यूज एजेंसी
टूंडला। श्रीनगर रामलीला में स्थान को लेकर आए व्यवधान के बाद अब जैन समाज के दो दिवसीय मेले में भी आशंकओं के बादल मंडराने लगे हैं। भूमि स्वामी ने मेला स्थल (शिखराश्रम) विवादित स्थान होने का हवाला देते हुए एसडीएम से मेले की परिमीशन न दिए जाने की मांग की है। वहीं जैन समाज ने बैठक करते हुए इसका विरोध किया तथा एसडीएम को परमीशन के लिए पत्र सौंपा है।
जैन समाज का दो दिवसीय जैनमेला वर्ष 1922 से शहर के शिखराश्रम में होता आ रहा है। यह आयोजन प्रवीनचंद्र जैन की निजी भूमि में होता चला आ रहा है। उनकी पौत्रवधू दीक्षा वर्मा ने एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में कहा कि प्रवीनचंद्र जैन ने शिखराश्रम को वर्ष 2022 में उनके पति आदित्य जैन के नाम मुख्तारनामा किया था। उसके बाद आदित्य जैन ने उक्त स्थल को 20 साल के लिए उन्हें लीज पर दिया है। जिसका वाद सिविल कोर्ट फिरोजाबाद में चल रहा है। उन्होंने आग्रह किया है कि बिना उनकी सहमति के मेला आयोजन की अनुमति नहीं दी जाए।
इसकी जानकारी मिलते ही जैन समाज में खलबली मच गई। मेला की तैयारी में जुटे जैन समाज ने बृहस्पतिवार रात्रि बड़े जैन मंदिर में बैठक आयोजित कर समाधान कराने का प्रयास किया, किंतु इस बैठक में आदित्य जैन के न पहुंचने एवं कोई सहमति न दिए जाने पर बैठक में निर्णल लिया गया कि शुक्रवार को एसडीएम से मिलकर अनुमति के लिए आग्रह करेंगे। इसको लेकर सुबह 11 बजे जैन समाज के सत्येंद्र जैन एडवोकेट, अजय कुमार जैन शाहू, स्वर्णलता जैन, सुभाष चंद्र जैन, पांडये जयंत जैन, नीरज जैन, संजीव जैन, मुकेश जैन, वृंदावनलाल गुप्ता, मनप्रीत सिंह कीर एसडीएम से मिले तथा मेला आयोजन के लिए अनुमति की मांग की।