फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने के अभियान में सुस्ती बरतने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। विकास भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान डीसी एनआरएलएम महेंद्र प्रताप यादव ने लक्ष्य के सापेक्ष कम प्रगति मिलने पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने जनपद के नारखी, हाथवंत और जसराना ब्लॉक के संबंधित अधिकारियों को कार्य में लापरवाही बरतने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
डीसी महेंद्र प्रताप यादव ने बताया कि जिले में अंत्योदय और पात्र गृहस्थी के कुल 3,36,166 परिवार हैं, जिनमें से अब तक मात्र 92,450 महिलाएं ही समूहों से जुड़ सकी हैं। शेष बचे 2,34,793 परिवारों की महिलाओं को तत्काल समूहों से जोड़ने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। ''जीरो पावर्टी'' अभियान की समीक्षा में भी पाया गया कि 5,219 लक्षित परिवारों के मुकाबले केवल 1,439 महिलाएं ही योजना का लाभ ले पा रही हैं। डीसी ने समस्त सहायक विकास अधिकारियों और ब्लॉक मिशन प्रबंधकों को निर्देशित किया कि स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड और सामुदायिक निवेश निधि का लाभ तुरंत दिलाया जाए। साथ ही, लखपति आजीविका रजिस्टर की फीडिंग और संकुल स्तरीय संघ के ऑडिट कार्य को शत-प्रतिशत पूर्ण करने की हिदायत दी गई।