सांसद निधि को खर्च करने में सुहाग नगरी फीरोजाबाद के सांसद राजबब्बर भी पिछड़े साबित हो रहे हैं।
सांसद निधि की गत वर्ष की करीब पौन करोड़ धनराशि अभी तक उनके खाते में पड़ी हुई है। विभाग को नई धनराशि के लिए प्रस्ताव आने का इंतजार है।
सांसद को अपने क्षेत्र के विकास को प्रतिवर्ष पांच करोड़ की धनराशि सांसद निधि के रूप में मिलती है। जिले की पांच विधानसभा में क्षेत्रों के हिसाब से देखा जाए तो प्रति विधान सभा करीब एक करोड़ रुपये मिलता है।
सांसद को इस धनराशि के प्रस्ताव देने होते हैं। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण इस धनराशि को संबंधित कार्यदायी संस्था को धनराशि आवंटित करता है। सांसद राजबब्बर की वित्तीय वर्ष 2013-14 की प्रथम किश्त का ढाई करोड़ रुपये आ गई है।
जबकि वर्ष 2012-13 की किस्त के 71 लाख रुपये उनके खाते में पड़ा हुआ है। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस धनराशि का अभी तक कोई प्रस्ताव प्रशासन को नहीं मिल सका है।
जबकि नए वित्तीय वर्ष के चार माह बीतने को आ गए हैं। सांसद ने अपनी निधि का अधिकांश भाग सड़क निर्माण एवं पेयजल पर खर्च किया है।
कई ज्वलंत समस्याएं हो सकती हैं हल
निधि के प्रयोग से शहर से गांव तक फैली कई बड़ी समस्याएं हल हो सकती हैं। शहर का मुख्य कोटला और जलेसर मार्ग सैकड़ों गांवों को शहर से जोड़ता है। इन दोनों मार्गों की हालत बेहद खराब है।
कई आंदोलन इन मार्गों की समस्या को लेकर हो चुके हैं। यदि यह मार्ग बनते हैं तो सैकड़ों गांवों की लाखों की आबादी को आवागमन की सहूलियत मिलेगी।