उत्तर प्रदेश में शामली के कैराना क्षेत्र के गांव बीबीपुर हटिया में वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर शरणार्थी शिविर में ही गांव के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। शिविर में ताबड़तोड़ फायरिंग होने से अफरातफरी मच गई।
गोलियां चलने और धारदार हथियारों से हमले में दोनों पक्षों के दस लोग घायल हो गए। मामले में 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
गांव बीबीपुर हटिया के ग्रामीण मोहब्बत अली ने पुलिस को बताया कि वन विभाग की भूमि पर गांव के 11 लोगों की एक कमेटी ने राहत शिविर चला रखा है। शिविर में दंगा पीड़ित परिवार ठहरे हुए हैं। बुधवार सुबह करीब आठ बजे गांव के कुछ लोग राहत शिविर में शरणार्थियों के साथ बैठे हुए थे। इस बीच गांव के कई लोग हाथ में तमंचे, लाठी-डंडे और तबल आदि लेकर आ धमके।
हमलावरों ने गांव के इनाम, हामिद उर्फ कालू, राकिब अमजद, अब्बास, हारून, और महिला जुबेदा आदि को धमकाते हुए इस जगह को खाली करने की धमकी दी। विरोध जताने पर हमलावरों ने उन पर हमला बोल दिया। गोलियां चलने से अफरातफरी मच गई।
हमले में छर्रे लगने और धारदार हथियारों से चोट लगने से उक्त सभी लोग घायल हो गए। इस घटना से राहत शिविर में भगदड़ मच गई। हमलावर घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो गए। सीओ कैराना सीपी सिंह ने बताया कि वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर विवाद हुआ था।
मामले में एक पक्ष की ओर से दिलशाद, मन्नवर, जैसर, इरफान, सदाकत, मैसर, नासिर, तसव्वर, बाबर, इस्तखार, सरवर, शराफत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। दूसरे पक्ष ले अभी तहरीर नहीं मिली है।
बसपा विधायक मौलाना जमील भेजे गए जेल
शहीद चौक की सभा में भड़काऊ भाषण देने के आरोपी बसपा के मीरापुर विधायक मौलाना जमील को पुलिस ने गिरफ्तार कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया। जमील को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
दंगे से पहले तनाव के माहौल में 30 अगस्त को शहर के शहीद चौक पर जुमे की नमाज के बाद समुदाय विशेष की सभा का आयोजन हुआ था। मीरापुर विधायक मौलाना जमील भी सभा में मौजूद थे।
उनके खिलाफ धारा 188, 353, 153ए, 341 और सेवन क्रिमिनल एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया था। 17 सितंबर को विधायक के गिरफ्तारी वारंट भी जारी हुए थे।
धर्मस्थल के निर्माण की तैयारी से बखेड़ा
बीबीपुर हटिया में बखेड़े की शुरुआत मंगलवार देर रात को ही हो गई थी, जब शिविर में कुछ लोगों के धर्मस्थल के निर्माण की सूचना पर नायब तहसीलदार पहुंचे थे। हालांकि रात में विवाद पर विराम लगा दिया गया था। बुधवार सुबह फिर से बखेड़ा खड़ा हो गया।
नायब तहसीलदार डी के पांडेय ने बताया कि एसडीएम को सूचना मिली थी कि बीबीपुर हटिया के जंगल में वन विभाग की जमीन पर कुछ लोग धर्मस्थल बनाने की तैयारी में हैं।