प्रसिद्ध लेखिका तसलीमा नसरीन के खिलाफ बरेली शहर की कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। तसलीमा नसरीन पर आरोप है कि उन्होंने अपने ट्वीट में मुफ्तियों को अपराधियों की संज्ञा देकर मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है।
यह एफआईआर मौलाना सुब्हान रजा खां सुब्हानी मियां के बेटे हसन रजा खां नूरी मियां ने दर्ज कराई है। इसमें कहा गया है कि छह नवंबर को तसलीमा के ट्वीट का सारांश अखबार में छपा था जिसमें इस्लाम धर्म के स्तंभ मुफ्तियों को अपराधियों की संज्ञा दी गई थी।
तसलीमा का बयान था कि भारत में महिलाओं के खिलाफ फतवा जारी करने वाले अपराधियों को दंड नहीं मिलता। रिपोर्ट में कहा गया है कि फतवा हद्दीस और कुरान की रोशनी में जारी किया जाता है।
नूरी मियां ने कहा है कि इस बयान से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। पुलिस ने धारा 295 ए आईपीएस व 66 ए-आई एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।
शाम को सौदागरान में मुफ्ती सलीम, हसन रजा खां व आसिफ मियां ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अमन को कायम रखते हुए उन्होंने कानून का सहारा लिया है। सरकार को चाहिए कि वह तसलीमा नसरीन के पासपोर्ट को जब्त करके उन्हें फौरन गिरफ्तार करे। उन्होंने कहा कि मुफ्तियों को अपराधी कहना समाज के लिए नाकाबिले बर्दाश्त है।
ऐसा बयान धार्मिक भावनाओं को आहत करता है। यहां मौजूद मुफ्ती कफील, मुफ्ती अफरोज आलम, मुफ्ती जमील अहमद, शाहिद नूरी, नासिर कुरैशी, फैजुल नबी, परवेज खां नूरी, मंजूर खां ने भी तसलीमा की गिरफ्तारी की मांग की।