यूपी में मुरादाबाद-संभल रोड पर पूर्णागिरी से लौट रही श्रद्धालुओं से भरी बस सामने से आ रहे ट्रक से जा भिड़ी। हादसे में बस में सवार 55 श्रद्धालु घायल हो गए। इनमें गंभीर रूप से घायल 16 लोगों को को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शनिवार की तड़के लगभग साढ़े चार बजे उत्तराखंड के पूर्णागिरी धार्मिक स्थल से श्रद्धालुओं को लेकर संभल की ओर लौट रही निजी बस मैनाठेर थाना क्षेत्र में मुरादाबाद-संभल रोड पर महमूदपुर माफी के निकट पहुंची तो सामने से आ रहे ट्रक से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस और ट्रक के अगले हिस्से एक दूसरे में घुस गए। दुर्घटना से बस में सवार 55 श्रद्धालुओं में चीख पुकार मचना शुरू हो गई। बचाव को आपस के लोग दौड़े और घायलों को बमुश्किल बाहर निकाला।
दुर्घटना में कमल, रामेश, जयपाल, कल्लो देवी, रघुवीर, जहांगीर सिंह, हुक्मी, गनेशी, राजो देवी, मुनिपाल, किरन, इन्द्र सिंह, सविता, रोहताश निवासी लखौरी और प्रकाश, रामवती, नेमवती, तेजा, नेमपाल समेत लगभग 40 श्रद्धालु घायल हुए हैं। ये सभी बुलंदशहर और अमरोहा जिलों के निवासी बताए गए हैं। वहीं गंभीर रूप से घायल श्रद्धालु कल्लो, जयपाल, राजो, राजकली, नेमवती, जहांगीर, रधुवीर, कमल, जबर सिंह, वीरपाल, मुनिपाल, विक्रम, कलुआ, प्रकाश, धनश्याम, जयपाल आदि को संभल के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। दुर्घटना के बाद बस और ट्रक के चालक मौका पाकर फरार हो गए। मैनाठेर पुलिस ने क्रेन से दोनों ही वाहनों को अलग करने के बाद कब्जे में ले लिया है।
नींद की झपकी से हुआ हादसा
मुरादाबाद-संभल रोड पर हुई दुर्घटना की वजह चालक को नींद की झपकी आना बताई जा रही है। दुर्घटना स्थल को देखकर अंदाजा लग रहा था कि ट्रक अपनी साइड में था जबकि बस गलत साइड में जाकर उसमें घुसी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना कि शायद बस के चालक को नींद की झपकी आने से ही क्षण भर में हादसे हुआ होगा।
क्रेन से अलग किए वाहन
बस और ट्रक की हुई सीधी भिड़ंत में दोनों ही वाहनों के अगले हिस्सों के परखच्चे उड़ गए थे। बस के अगले हिस्से में सवार लोगों को चोट अधिक आई थी। पुलिस को दोनों वाहनों को अलग करने में क्रेन का सहारा लेना पड़ा। क्रेन के सहारे ही दोनों वाहनों को मैनाठेर कोतवाली तक लाया गया है।
हादसे के बाद लग गया जाम
शनिवार को हाईवे पर हुए हादसे के बाद पुलिस को क्रेन से वाहनों को अलग करने में काफी समय लग गया। इस दौरान मुरादाबाद-संभल रोड पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। वाहनों के हटने के बाद ही सड़क पर यातायात सुचारू हो सका। इसके बाद पुलिस ने भी राहत की सांस ली।