फोटो-08-डीएम कार्यालय के बाहर ज्ञापन के लिए खड़ी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। संवाद
फतेहपुर। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गया है। बीते दो महीनों में सामने आए चार मामलों के बाद अब बहुआ विकासखंड की मुख्य सेविका पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से रिश्वत वसूली का आरोप लगा है। आरोप है कि राशन वितरण के नाम पर हर माह 1500 रुपये की अवैध वसूली की जा रही थी। इस संबंध में रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
आरोप है कि बहुआ विकासखंड में तैनात मुख्य सेविका शारदा वर्मा लंबे समय से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से धनराशि वसूल रही थीं। वीडियो सामने आने के बाद अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी खुलकर सामने आ गईं। सोमवार को डीएम कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अवैध वसूली का विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता की जाती है और नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ऊषा देवी ने बताया कि राशन वितरण को लेकर लगातार दबाव बनाया जाता है और हर माह तय रकम देने को मजबूर किया जाता है। वीडियो वायरल होने के बाद जांच की मांग तेज हो गई है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि शीघ्र कार्रवाई न होने पर वे आंदोलन करेंगी।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिला उपाध्यक्ष रेहाना परवीन ने कहा कि कार्यकर्ताओं का शोषण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि डीएम रविंद्र सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वर्ष 2020 में बेचा था 29 केंद्रों का राशन
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि वर्ष 2020 में मुख्य सेविका शारदा ने 29 आंगनबाड़ी केंद्रों का राशन बाजार में बेच दिया गया था। एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई थी। इस पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। 45 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने हलफनामा देकर कार्रवाई की मांग की थी। मुख्य सेविका का तबादला विजयीपुर किया गया लेकिन विभागीय सांठगांठ के बाद उसे बहुआ में जॉइन कराया गया।
फोटो-08-डीएम कार्यालय के बाहर ज्ञापन के लिए खड़ी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। संवाद