फतेहपुर। शहर के मध्य स्थित लोधीगंज, राधानगर, मुराइनटोला, यूसफजई गली और पीरनपुर जैसे घनी आबादी वाले मोहल्लों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था अब भी बदहाल है। यहां के निवासी बिजली के तार घरों तक खींचने के लिए विद्युत विभाग के पोल की जगह बांस-बल्लियों का सहारा लेने के लिए मजबूर हैं। बारिश के समय हादसे का खतरा बनता है।
जिले में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए शासन से रिवैंप योजना से लगभग 80 हजार नए खंभे लगाने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन शहर के अंदर ही बिजली के खंभे नहीं लग पाए। संबंधित मोहल्लों में अब भी अधिकांश घरों तक बिजली की लाइनें बांस-बल्लियों या लोहे की सरियों के सहारे पहुंचाई जा रही हैं।
क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि बारिश और तेज़ हवाओं के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है। बांस, बल्लियों के सहारे खिंची लाइनें मामूली हवा में झूलने लगती हैं। इससे फाल्ट हो जाता है और बिजली गुल हो जाती है। कई बार तो इन झूलती तारों के संपर्क में आकर दुर्घटनाएं भी हुई हैं, लेकिन विभाग अब तक मौन है। पीरनपुर निवासी रियाज अहमद ने बताया कि हमने कई बार विभाग में शिकायत की, पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। हर बार कहा जाता है कि पोल आएंगे, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। डिजिटल इंडिया की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर शहर के अंदरूनी हिस्सों में मूलभूत सुविधा बिजली भी सही ढंग से नहीं पहुंच पा रही है। एक्सईएन रत्नेश जयसवाल ने कहा कि जहां-जहां बिजली के खंभे नहीं लगे हैं। जल्द उन स्थानों को चिह्नित करके पोल लगवाएं जाएंगे।
तार छज्जे में बांधना पड़ा
शहर के मुराइनटोला यूसुफजई मोहल्ला निवासी मोहम्मद स्माइल ने बताया कि गली में बिजली का पोल न होेने कारण बिजली के तार घरों के छज्जे से बांध दिए गए हैं। बारिश के समय करंट उतरने का खतरा बना रहता है। पोल लगाने के लिए प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। बारिश भी शुरू हो गई है। हादसे का खतरा बना हुआ है।
बारिश व हवा चलने पर फाल्ट की समस्या से जूझते
इसी गली के निवासी गुड्डू ने बताया कि गली के अंदर करीब 30 से अधिक घर हैं। सभी घरों में लगे केबल गली के बाहर लगा पोल जो करीब 200 मीटर की दूरी पर हैं, वहां से जुड़ी हैं। लोगों ने घरों के छज्जे में केबल बांध रखा है। बारिश व हवा चलने पर फाल्ट की समस्या से भी जूझना पड़ता है। कई बार इसकी शिकायत की गई है, लेकिन सुनवाई के नाम पर आश्वासन मिलता है।