औंग। दोनों वक्त की रोटी देने वाली भतीजी को शायद इस बात का एहसास नहीं था कि उसका चाचा जान का दुश्मन बन जाएगा। हत्यारोपी ने कबूला के भतीजी के हाथ का बना खाना 15 दिनों से खा रहा था, लेकिन नशे में उस पर शैतान सवार हो गया। गला दबाने के बाद कितनी देर में भतीजी की सांसे थम गईं, इसका उसे पता नहीं चला।
थानाक्षेत्र के कौड़िया गांव के फूलचंद्र व सुभाष का एक ही मकान है। घरों के बीच घासफूस का टट्टर लगा है। दोनों के निकास विपरीत दिशाओं में हैं। सुभाष की शादी 10 साल पहले बिंदकी कोतवाली के रजीपुर गांव में हुई थी। उसकी कोई संतान नहीं है। नशे का लती सुभाष पत्नी से मारपीट करता है। 15 दिन पहले पिटाई से आहत होकर पत्नी मायके चली गई थी। जिसके बाद सुभाष को भतीजी जानकी (22) खाना बनाकर देती थी। फूलचंद्र के खेत पांडु नदी के पार हैं। वह पत्नी के साथ खेत में काम करने चला गया। इसकी सुभाष को जानकारी थी।
नशे में मौके का फायदा उठाकर भतीजी के साथ वारदात का करने पहुंचा था। मंगलवार की रात करीब 11 बजे पोस्टमार्टम से शव कौड़िया पहुंचा। जहां ससुराल पक्ष के लोग शव को अचलगंज के थावरखेड़ा ले गए। जहां मृतका जानकी का पति भी इंदौर से बुधवार को पहुंचा। पति दिनेश के आने के बाद अंतिम संस्कार किया गया। थाने में हत्यारोपी सुभाष ने पुलिस को बताया कि हत्या नहीं करना चाहता था। डराने के लिए गला पकड़ा था। नशे में होने की वजह से गला कब तेजी से दब गया, पता नहीं चला। निरीक्षक शेर सिंह राजपूत ने बताया कि हत्यारोपी को जेल भेजा गया है।