खागा। किशनपुर के एकडला गांव का आदिल बॉक्सिंग में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। तीन सितंबर को मुंबई में चल रही एशियन चैंपियनशिप में उसने अफगानिस्तान के खिलाड़ी नावेद शेख को शिकस्त दी तो परिवार में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। आदिल के पिता भी लंबी कूद के बेहतरीन खिलाड़ी रह चुके हैं।
एकडला गांव निवासी राजेश सिंह करीब 25 साल से मुंबई में रहते हैं। यहीं उनके बेटे आदिल अहिल्या ने मुक्केबाजी सीखी। तीन सितंबर को एशियन चैंपियनशिप में उसने अफगानिस्तान के बाक्सर नावेद शेख को हराया और अगले राउंड में प्रवेश किया।
राजेश सिंह ने बताया कि आदिल इससे पहले आल इंडिया चैंपियनशिप में ब्रोंज मेडल जीत चुका है। इसी तरह, उदयपुर में आयोजित ओपन नेशनल चैंपियनशिप में भी वह मेडलिस्ट रहा और महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हुए चार बार गोल्ड मेडल जीता। मुंबई यूनिवर्सिटी में वह दो बार सर्वश्रेष्ठ बॉक्सर का खिताब भी प्राप्त कर चुका है। इसके साथ ही वह चार बार आल इंडिया यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में प्रतिभाग कर चुका है।
कभी पिता ने की थी जी-तोड़ मेहनत
पिता राजेश सिंह ने बताया कि वह ऊंची कूद के खिलाड़ी थे और उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन कर प्रदेश स्तरीय मुकाम हासिल किया। मगर 1995 में उन्होंने परिवार के लिए अपनी इस इच्छा को छोड़ दिया। फिर परिवार सहित मुंबई चले आए। अब वह मुंबई में वाहन चलाकर अपने बेटे को उस मुकाम तक ले जाना चाहते हैं, जहां वह कभी पहुंचना चाहते थे। आदिल 11 वर्ष की उम्र से बॉक्सिंग कर रहा है।
गांव से है विशेष लगाव
राजेश सिंह को जब भी समय मिलता है वह एकडला गांव जरूर आते हैं। उन्हें गांव और यहां के लोगों से विशेष लगाव है। वह पंचदेव यमुना नदी मित्र समिति के सचिव जयकांत सिंह के चचेरे भाई हैं। राजेश सिंह के खेतों की देखभाल जयकांत सिंह ही करते हैं। राजेश सिंह सर्वोदय इंटर कॉलेज किशनपुर के पढ़े हुए हैं।