लखनऊ में स्मिता सिंह को नेश्नल यूथ आइकन 2020 से सम्मानित करते खेल मंत्री उपेंद्र नाथ तिवारी की फाइल ?
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फतेहपुर। शहर के शादीपुर गैस गोदाम रोड निवासी स्मिता सिंह जरूरतमंद महिलाओं की सहारा बनने के साथ उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने की राह दिखा रही हैं। शहर के दो मोहल्लों की वृद्ध और असहाय महिलाओं को गोद लेकर उनके भरण पोषण से लेकर उनकी बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने में जुटीं हैं।
मेडिकल स्टोर संचालक सुनीत सिंह की पत्नी स्मिता सिंह ने 2015 में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सिलसिला शुरू किया और अनवरत जारी है। इसके लिए उन्होंने नारी स्मिता फाउंडेशन का पंजीकरण कराया। सबसे पहले स्मिता ने सार्वजनिक स्थलों पर मुफ्त खाना बांटना शुरू किया। इसके बाद शहर के आधारपुर और गढ़ीवा की 50 वृद्ध और बेसहारा महिलाओं को गोद लिया। इन्हें हर महीने भोजन से लेकर जरूरत का हर सामान उपलब्ध कराया जाता है।
आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्मिता सिंह ने बेसहारा महिलाओं की सात बेटियों को कपड़ा सिलाई, अगरबत्ती, झाडू़ और महिलाओं के कड़े बनाने का प्रशिक्षण दिलाया है। जल्द ही ये बेटियां बैग, अगरबत्ती, झाड़ू आदि तैयार करने का काम शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ गरीबों को खाना खिलाने के लिए स्मिता को 2020 में नेशनल यूथ आईकॉन से खेलमंत्री उपेंद्रनाथ तिवारी ने नवाजा था। मतदाता जागरूकता का कार्य करने के लिए उन्हें हाल ही में प्रदेश स्वीप आईकॉन चुना गया। इसके साथ ही इन्हें केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, जनप्रतिनिधियों के अलावा कई जिलाधिकारी उन्हें सम्मानपत्र प्रदान कर चुके हैं।
स्मिता सिंह ने बताया कि 2015 में ससुराल शांखा गांव में पंचायत चुनाव लड़ा था। उस दौरान महिलाओं की दशा देखी तो उन्हें कुछ नया करने का मन बनाया। इसकी शुरुआत गरीब महिलाओं को खाना वितरण से शुरू की। इसके बाद सेवा का यह सिलसिला जारी है।