फतेहपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के आईटीआई रोड में संचालित चिटफंड कंपनी के आठ संचालकों के खिलाफ गबन, गाली गलौज और धमकी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। 19 एजेंटों ने करीब 70 लाख के गबन का ब्योरा दिया है और कई ग्राहकों के और लाखों रुपये जमा होने की बात कही है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के जयराम नगर निवासी चंदन सिंह की पत्नी ललिता सचान ने बताया कि 2008 में पीयर्स एलाइड कारपोरेशन नाम से चिटफंड कंपनी आईटीआई रोड में संचालित होती थी। करीब दो साल बाद कंपनी के संचालकों ने नाम बदलकर डीपीयर्स एलाइड कारपोरेशन रख दिया। कंपनी का मुख्य कार्यालय कानपुर स्वरूप नगर रेडियंस टावर द्वितीय तल पर है।
कंपनी के एमडी दुर्गा प्रसाद दुबे, इनकी पत्नी इंदु दुबे, संदीप मिश्रा, विशंभर नाथ दुबे, मंजू उपाध्याय पत्नी नितिन, संजीव मिश्रा, अमित मिश्रा और शैलेश उपाध्याय मुख्य रूप से थे। इन लोगों ने देश के तमाम जगहों पर कार्यालय खोल रखे थे। कंपनी की शाखा शहर के आईटीआई रोड पर खुली थी। उसी शाखा में ललिता सचान और उसके साथ सुधा देवी, चंदन सिंह, आनंद पांडेय, राजकुमारी, प्रवीणा,
प्रमिला देवी, श्रीराम शर्मा, प्रियंका सिंह विमला देवी संगीता देवी, अनुज, विजय यादव, बाबू सिंह, जितेंद्र प्रताप सिंह, जयरानी, नीतू, विष्णु, दिनेश ने ग्राहकों का करीब 70 लाख रुपये जमा किया था। इसके अलावा भी कई ग्राहकों के लाखों जमा थे। कंपनी द्वारा एग्रीमेंट का एक फॉर्म दिया जाता था। जिसमें प्लाट का नंबर लिखा था। कंपनी ग्राहक को देने वाले बांड में पांच साल में रकम दोगुना या फिर प्लाट देने की बात करती थी। 2016 में कंपनी ने ग्राहकों को रुपये देना बंद कर दिया। कई बार एजेंट के साथ लखनऊ एमडी के पास गए। पहले टरकाते रहे, बाद में गाली गलौज और मारपीट की धमकी देने लगे। कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि चिटफंड कंपनी संचालक आठ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।