फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्लास्टिक कोटेड चावल की शिकायत महज अफवाह

विज्ञापन
विज्ञापन
खागा। अमनी गांव में कोटे की दुकान से प्लास्टिक कोटेड चावल दिए जाने की सूचना पर अफसरों की टीम शुक्रवार को जांच करने पहुंची। एसडीएम खागा और डीएसओ समेत अन्य अफसरों ने कोटेदार के घर और गोदाम में जांच की और चावल के सैंपल लिए। ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए गए। काफी देर की जांच के बाद अफसरों ने बताया कि एमडीएम के लिए आया विशेष गुणवत्ता वाला चावल कोटेदार ने गलती से बांट दिया। चावल सही है।
विज्ञापन

विजयीपुर ब्लाक के अमनी गांव की कोटेदार गीता देवी के यहां से तीन दिन पहले चावल का वितरण हुआ था। किसी ने सोशल मीडिया पर यह अफवाह उड़ा दी कि कोटेदार ने प्लास्टिक कोटेड चावल का वितरण किया है। इसकी जानकारी पर शुक्रवार को डीएम अपूर्वा दुबे के निर्देश पर एक जांच समिति का गठन हुआ। इसमें एसडीएम आशीष कुमार के नेतृत्व में, जिला पूर्ति अधिकारी अंजनी कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी रामबाबू सोनकर व पूर्ति निरीक्षक भाष्कर मिश्रा व हरीश साहनी शामिल हुए।
टीम शुक्रवार को कोटेदार गीता देवी के घर, गोदाम पहुंची और चावल की जांच की। बोरी चेक की गई तो उसमें फोर्टीफाइट विथ आयरन, विटामिन डी-12 लिखा था, जो सरकारी सप्लाई ही थी। टीम ने चावल का सैंपल लिया। इसके बाद गांव के लोगों के बयान लिए गए। लोगों ने बताया कि चावल प्लास्टिक कोटेड नहीं है, उसका स्वाद जरूर अलग है। टीम बयान लेने के बाद किशनपुर एफसीआई गोदाम पहुंची और यहां रखे चावल का सैंपल लिया।
विज्ञापन

एसडीएम आशीष कुमार ने बताया कि चावल का प्लास्टिक कोटेड होना निराधार है। यह चावल एमडीएम के लिए आया है और यह दूसरे चावल की गुणवत्ता से अलग है। कोटेदार ने भूलवश एमडीएम की बोरी खोलकर इसे वितरित कर दिया, जिसके कारण यह समस्या हुई। उन्होंने बताया कि बेहतर जांच के लिए चावल का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा जा रहा है। ग्रामीणों ने भी चावल के उपयोग पर कोई समस्या नहीं बताई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें