फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

24 गांवों की जलापूर्ति एक माह से ठप

विज्ञापन
विज्ञापन
धाता। ब्लाक क्षेत्र के 24 गांवों के 20 हजार लोग एक माह से पेयजल को तरस रहे हैं। इन गांवों में जलापूर्ति करने वाली अहमदपुर कुसुम्भा पेयजल योजना मरम्मत न होने से ठप हो गई है। यहां लगे दोनों पंप सेट खराब हैं। पाइप लाइनें जगह-जगह से चोक व टूट गई हैं। ऐसे में करोड़ों की लागत से बनी यह परियोजना बेकार पड़ी है।
विज्ञापन

समूह पेयजल योजना के तहत वर्ष 1978 में इस परियोजना को मंजूरी मिली थी। जो 1982 में बनकर चालू हुई थी। इसके तहत 24 गांवों में पाइप लाइन डालकर घरों तक पानी पहुंचाया गया था। पांच साल तक ठीक चलने के बाद से योजना का हाल रखरखाव नहीं होने के चलते खराब है। पाइप लाइनों के खराब होने के कारण लोगों ने अपने कनेक्शन बंद करा दिए और निजी बोर कराकर अपनी समस्या दूर की। वर्तमान में इस योजना को कौशांबी जनपद के हवाले कर दिया गया हैैं, ऐसे में जो देखरेख होनी चाहिए। वह भी दो जिलों के बीच में फंस गई है। कहा जा रहा है कि मरम्मत के लिए बजट नहीं मिलने से योजना बंद हो गई है।
सरसौली के राकेश विश्वकर्मा, बेनीपुर के अमर सिंह, घोसी के गुड्डू आदि ने बताया कि पानी किल्लत बनी रहती है। पहले कुआं, फिर हैंडपंप जलस्तर नीचे जाने से खराब हो गए। अब जलापूर्ति भी बंद हो गई है। इससे पानी के लिए दिक्कत है। अवर अभियंता एके गुप्ता ने बताया कि बजट के अभाव में पाइप लाइन व मोटर संबंधी काम नहीं हो पा रहे हैं। लगातार अफसरों को अवगत कराया जा रहा है, प्रयास हो रहा है कि बजट जल्द मिले, ताकि इन गांवों को पेयजल आपूर्ति चालू हो सके।
विज्ञापन

अहमदपुर कुसुम्भा पेयजल समूह योजना से सरसौली, अहमदपुर, हरदवां, पलवा, कल्यानपुर कचरौली, देवरी, मझपुरवा, चर्की, घोसी, भदियापुर, बेलाई, बेलावां, खरसेड़वा, उरई, दामपुर, रानीपुर, मखौवा, बेनीपुर, गोपालपुर, भुरचुनी, रसूलपुर, गोढ़वापार आदि गांव जुड़े हैं।
अहमदपुर कुसुम्भा निवासी अतुल सिंह ने बताया कि दो वर्ष से बिना टुल्लू पंप के पानी नहीं मिल रहा था। आए दिन पेयजल योजना की मोटर फुंक जाती थी। इस समय कोई आपरेटर तक नहीं बचा है। एक महीने से पानी बंद चल रहा है।
अहमदपुर कुसुम्भा निवासी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उनके परिवार के पास जल निगम के अलावा कोई व्यवस्था नहीं है। एक महीने से जलापूर्ति बंद है तो दूसरे के घर जाकर पानी ले आते हैं। किसी तरह से फिलहाल काम चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें