खागा। बुंदेलखंड राष्ट्र समिति ने एक नवंबर को काला दिवस के रूप में मनाया। अमर शहीद ठाकुर दरियाव सिंह स्मारक समिति परिसर में बुंदेलखंड को राज्य बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 23वीं बार खून से पत्र लिखा गया।
आयोजन में समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय ने कहा कि एक नवंबर 1956 को नेहरू सरकार ने बुंदेलखंड को तोड़कर इसे भारत के नक्शे से हटा दिया था।
जबकि देश की आजादी के समय बुंदेलखंड अलग राज्य था। इसकी राजधानी नौगांव, छतरपुर थी। 22 मार्च 1948 को बुंदेलखंड का नाम बदलकर विंध्य प्रदेश कर दिया गया।
इसमें बघेलखंड को भी जोड़ दिया गया। एक नवंबर 1956 को बुंदेलखंड को दो टुकड़े कर भारत के नक्शे से मिटा दिया गया। तब से बुंदेलखंड दो राज्यों के बीच पिसता चला आया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सरकार बनने पर बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने का वादा किया गया था जो अब तक पूरा नहीं किया गया है। इसलिए उन्हें खून से पत्र लिखा जा रहा है। इस मौके पर शक्ति सामंत, नास्त्रोदमस त्रिपाठी, सुशील अवस्थी, राजीव त्रिवेदी, समीर, सुभाष, राहुल और अनेश आदि रहे।