किशनपुर। नगर पंचायत किशनपुर के लोगों को अब शायद कचरे से निजात मिल जाएगी। क्योंकि नगर में दो साल से लटके एमआरएफ सेंटर के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ चली है। नगर पंचायत ने टेंडर जारी करने के बाद इसके जल्द निर्माण की तैयारी कर ली है।
नगर पंचायत किशनपुर में दो साल पहले मैटेरियल रिकवरी फैसलिटी (एमआरएफ) सेंटर बनाने के लिए शासन स्तर से 33 लाख 67 हजार रुपये मिले थे। लेकिन जमीन की उपलब्धता नहीं होने के कारण इस पर काम शुरू नहीं हो सका था।
कुछ महीने पहले तत्कालीन एसडीएम आशीष कुमार के नेतृत्व में सेंटर के लिए दमहा नाला-एकडला रोड पर यमुना किनारे एक ढाबे के पास 50 गुणा 35 फुट जमीन चिह्नित की थी। राजस्व विभाग ने पैमाइश के बाद यह जमीन नगर पंचायत को दे दी है। ऐसे में नगर पंचायत ने दो दिन पहले एमआरएफ सेंटर निर्माण के लिए टेंडर निकाला है। एमआरएफ सेंटर बनता है तो लोगों को रोजाना निकलने वाले करीब सात से दस क्विंटल कचरे से निजात मिलेगी जो सड़क किनारे पड़ा रहता है।
मैटेरियल रिकवरी फैसलिटी सेंटर बनने के बाद कस्बे से निकलने वाला सभी प्रकार का गीला, सूखा कचरा, प्लास्टिक, लोहा, कांच आदि वाहनों के जरिये सेंटर पहुंचेगा। जहां तैनात कर्मचारी इस कचरे को अलग-अलग
करेंगे। लोहा और कांच को बिक्री कर लिया जाएगा। इसके साथ ही प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए दूसरा विकल्प खोजा जाएगा। अन्य कचरे को एक मशीन के जरिये छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर उसे खाद बनाने के लिए बनाए गए गड्ढों में भर दिया जाएगा। नगर पंचायत इस खाद को निकालकर बोरियों में भरकर किसानों को सस्ते दाम में बिक्री करेगा।
कचरे में लोग बड़े पैमाने पर प्लास्टिक फेंकते हैं। इसका निस्तारण सेंटर में नहीं हो पाता है। इसके लिए नगर पंचायत को गैर जनपदों में काम करने वाले ऐसी कंपनियों को खोजना पड़ता है जो प्लास्टिक को गलाकर फिर से नया उत्पाद तैयार करती हैं।
नगर में रोजारा 7 से 10 क्विंटल मिश्रित कचरा निकलता है। सेंटर के निर्माण के बाद कूड़े को रिसाइकल कर जैविक खाद तैयार की जाएगी। - अजय कुमार पांडेय, ईओ किशनपुर