फतेहपुर। नगर पालिका की कान्हा गोशाला बंद हो सकती है। सात महीने से नगर पालिका ने मवेशियों के चारा-दाना के फूटी कौड़ी का भुगतान नहीं किया है। ऐसे में संचालक ने हाथ खड़े करने का मन बना लिया है। आदर्श गोशाला बनाने दिल्ली से आई संस्था वेद विद्या परिषद भुगतान के अभाव में दम तोड़ रही है। यही हालत रही, तो जल्द ही गोशाला में ताला बंद हो सकता है।
नगर पालिका ने शहर को अन्ना मवेशियों से मुक्त कराने के लिए मलाका के समीप कान्हा गोशाला का निर्माण कराया था। गोशाला संचालन के लिए नगर पालिका ने दिल्ली की एक संस्था को जिम्मेदारी सौंपी थी।
नगर पालिका और संस्था से 900 रुपये प्रति माह प्रति मवेशी भुगतान करने का अनुबंध हुआ था। यह अनुबंध फरवरी महीने से लागू हुआ था। अनुबंध के बाद से अब तक नगर पालिका ने एक भी पाई का भुगतान नहीं किया है। गोशाला में वर्तमान समय में 148 गोवंश हैं। इन्हें संस्था अपने खर्चे से चारा उपलब्ध करा रही है।
अनुबंध के अनुसार हर महीने प्रति मवेशी 900 रुपये का भुगतान मिलना चाहिए, लेकिन सात महीने में नगर पालिका ने एक रुपया नहीं दिया है। वह यह सोचकर आए थे कि कान्हा गोशाला का प्रदेश की आदर्श गोशाला का दर्जा मिले, लेकिन धनाभाव के कारण यह संभव होना मुश्किल पड़ रहा है। यही हालत रहा, तो गोशाला छोड़ना उनकी मजबूरी होगी। - सागर, प्रबंधक संस्था वेद विद्या परिषद।
शासन से गोशाला का बजट न मिलने के कारण संस्था को भुगतान देने में विलंब हो रहा है। अगले महीने बजट मिलने का आश्वासन मिला है। बजट मिलते ही गोशाला संचालक को भुगतान कर दिया जाएगा। - मीरा सिंह, ईओ नगर पालिका।