फतेहपुर। सांसद-विधायक विशेष न्यायालय ने बसपा सरकार में मंत्री रहे अयोध्या पाल के बेटे अजय पाल की जमानत याचिका खारिज की है। मामला चार साल से विचाराधीन है।
पूर्व मंत्री अयोध्या पाल और उनके पुत्रों ने सिविल लाइंस, पत्थरकटा चौराहे के पास बने मंगलम गेस्ट हाउस को शहर के महमूद अहमद को किराये पर संचालित करने के लिए दिया था। दोनों के बीच पांच वर्ष का करार था। मगर ढ़ाई साल बाद पूर्व मंत्री और उनके पुत्र महमूद पर गेस्टहाउस खाली करने का दबाव बनाने लगे। आरोप है कि 12 मार्च 2017 को पूर्व मंत्री, उनके भाई और पुत्रों ने मिलकर महमूद की सारा सामान बेंचकर गेस्ट हाउस पर अपना कब्जा जमा लिया था।
महमूद ने इस मामले में पूर्व मंत्री अयोध्या पाल, उनके दो पुत्रों ओमदत्त पाल और अजय पाल एवं मंत्री के भाई राजकुमार पाल के विरुद्घ कोतवाली में धारा 419, 420, 409 और 506 के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी। मंगलवार को मंत्री के पुत्र अजय पाल ने विशेष न्यायालय में अपर जिला जज जुनैद मुजफ्फर की अदालत के समक्ष जमानत याचिका दाखिल की। इस प्रकरण में विशेष लोक अभियोजक रघुराज सिंह और वरिष्ठ अधिवक्ता शफीकुल गफ्फार ने जमानत को लेकर आपत्ति दर्ज कराई। अपर जिला जज जुनैद मुजफ्फर ने मंत्री पुत्र अजय पाल की जमानत याचिका को रद्द कर दिया है।