फतेहपुर। किसानों के लिए राहत लेकर आई बारिश ने जगह-जगह लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं। शहर से लेकर गांवों तक की सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं। बिजली आपूर्ति भी पटरी से उतर गई। शहर से सथरियांव उपकेंद्र से जुड़े मोहल्लों और गांवों में 20 से ज्यादा समय तक आपूर्ति ठप रही। जगह-जगह पेड़े टूटने से लोकल फाल्ट हुए। शाह उपकेंद्र की 33 केवीए लाइन पर पेड़ की डाल टूटकर गिरने से फाल्ट हुआ और करीब 35 गांवों की बिजली मंगलवार रात को गुल हो गई, बुधवार रात नौ बजे तक फाल्ट ठीक नहीं हो सका था।
मंगलवार शाम से शुरू हुई बारिश रात को जमकर हुई। बुधवार को भी कई जगह तेज तो कहीं हल्की बारिश रुक-रुक कर होती रही। इससे सड़कों से लेकर गलियां तक लबालब हो गईं। शहर की रानी कालोनी, शिवपुरम कालोनी, आबूनगर, खलील नगर की गलियां उफनाई गईं। सुबह मुख्य मार्गों पर भी जलभराव की समस्या रही। 90 लाख से नाला सफाई होने के बाद भी जलभराव होने से लोगों में नाराजगी भी देखी गई। लोगों ने आरोप लगाया कि नाला सफाई के नाम पर इस बार भी सिर्फ खानापूरी की गई।
उधर, ग्रामीण इलाकों में जलभराव और कीचड़ की समस्या ने लोगों को खासा परेशान किया। वहीं, धान की फसल वाले खेतों में पानी भरने से किसानों के चेहरे खिल गए। थरियांव कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विशेषज्ञ सचिन कुमार शुक्ला ने बताया कि पूरे सप्ताह बारिश होगी। किसी दिन कम तो किसी दिन ज्यादा बारिश होने की संभावना है।
बारिश ने किसानों को खुश कर दिया है। झमाझम बारिश के लिए आसमान की ओर देख रहे किसानों की मुराद पूरी हुई है। धान की की फसल वाले खेेेतों में पहली बार पर्याप्त पानी भरा है। अब किसानों को एक हफ्ते तक सिंचाई से राहत मिल गई है।
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किशनपुर। काली जी मोहल्ले से मंडी समिति तक 21.93 लाख रुपये से डेढ़ साल पहले बना नाला बरसात में बेमकसद साबित हो रहा है। नाला चोंक होने से मंडी समिति के अंदर व दीवार के पास पानी भर गया। काली जी मोहल्ला भी जलमग्न हुआ। मंडी समिति की दीवार से लेकर धर्मजीत सिंह के प्लाट तक बने नाले को खासतौर से काली जी मोहल्ले की जलनिकासी के लिए बनाया गया था। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी इस नाले को किसी भी बड़े नाले या नदी से नहीं जोड़ा गया। यह नाला मंडी समिति के पास ही खत्म हो जाता है। मौजूदा समय यह चोंक हो चुका है। मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश के कारण नाला ओवरफ्लो हो गया। पानी मंडी समिति के अंदर व दीवारों के पास भर गया। यहां रहने वालों को खासी परेशानी हुई। मंडी के पास एक साइकिल रिपेयरिंग की दुकान, मंडी समिति में टीन शेड वाली एक दुकान टूटने की स्थिति में आ गई। ईओ अजय कुमार पांडेय ने बताया कि नाला चोंक होने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो तुरंत इसकी सफाई कराकर ठीक कराया जाएगा। (संवाद)
बिंदकी। बारिश से प्रमुख बाजार व सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। बुधवार को तेज बारिश से नगर के खजुहा चौराहा, नजाही बाजार, किराना गली मुगल रोड, कुंवरपुर रोड, ललौली रोड, मोहल्ला कजियाना, मुगलाही, नई बस्ती आदि मोहल्लों में जलभराव हो गया। मानसूनी बारिश ने नगर पालिका द्वारा कराए गए कार्यों की पोल खोल दी है। ईओ निरुपमा प्रताप ने बताया कि नगर में जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त कराए जाने के लिए ललौली रोड में नाला निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी। (संवाद)
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औंग। रुक-रुक कर 24 घंटे की बारिश ने लोगों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। गांवों से कस्बा को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कों पर पानी लबालब भरा हुआ है। औंग-शकूरा मार्ग के रेलवे अंडरपास में पानी ऊपर तक भर गया है। इससे वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। लोग रेलवे ट्रैक से होकर बाइकें निकाल रहे हैं। ट्रैक्टर में पंप सेट लगाकर पानी निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन आसपास के खेतों से आ रहे पानी के कारण स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। (संवाद)
हुसैनगंज। बारिश में क्षेत्र का मकनपुर-पिलखिनी मार्ग कीचड़ में बदल गया है। इस रास्ते से जाने वाले राहगीरों को पैदल बाइक निकालनी पड़ रही है। यह कच्चा रास्ता मकनपुर, महोई, बदले का पुरवा और मानपुर को जोड़ता है। ग्रामीण कई बार रास्ते को पक्का मार्ग बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों से मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिला पंचायत के जेई संदीप कुमार ने बताया कि रोड का स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। बजट मिलने के बाद काम शुरू करा दिया जाएगा। (संवाद)
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थरियांव। झमाझम बारिश से क्षेत्र के नथनपुर गांव के किसान गेंदालाल का कच्चा मकान भरभरा कर गिर गया। इससे उसकी गृहस्थी दब गई। सुबह किसान गेंदालाल ने दबी हुई गृहस्थी का सामान बाहर निकाला। किसान गेंदालाल ने बताया कि गेहूं, चावल, आटा और कपड़े घर गिरने से दब गया है। इससे करीब 35 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। (संवाद)