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आफत बनकर आसमान से गिरी बौछारें, मकान गिरे

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खागा। मंगलवार रात हुई जबरदस्त बारिश ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए आफत बन गई। अलग-अलग जगहों पर 17 कच्चे मकान ढह गए। इससे कई लोग चुटहिल भी हुए। इतना ही नहीं गांव के रास्ते जलमग्न हो गए और पानी घरों में घुस गया। रातभर गांव के लोग इस आसमानी आफत से बचाव में लगे रहे। घरों के गिरने का सिलसिला मंगलवार रात से बुधवार की दोपहर तक जारी रहा।
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किशनपुर प्रतिनिधि के अनुसार, रामपर गांव की रहने वाली पुतनिया देवी (70) परिवार से अलग एक कच्चे मकान में रहती हैं। बुधवार की सुबह बारिश के कारण उनके मकान की छत व दीवार ढह गई। चपेट में आने से पुतनिया देवी जख्मी हो र्गइं। उनकी पुकार सुनकर लोग दौड़े और उन्हें बाहर निकालकर परिजनों को सूचना दी। उन्हें एंबुलेंस से हरदो अस्पताल ले जाया गया। जहां से वह जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुतनिया देवी के तीन पुत्र हैं जो उनसे अलग रहते हैं।
हथगाम प्रतिनिधि के अनुसार, अकबरपुर चोराई गांव में बृजेश कुमार का मकान मंगलवार रात ढह गया। मलबे में गृहस्थी का सारा सामान दबकर नष्ट हो गया। इसी क्रम में मोहलिया गांव में जायदा बेगम पत्नी हिमायत उल्ला, सफीक अहमद, रोशन जहां पत्नी इकराम, सुरेश पाल, नाजरा बेगम पत्नी अब्दुल मजीद, तारावती पत्नी दिरगज, रामचंद्र, मोतीलाल आदि के घर गिर गए। उनके घर में खाना बनाने तक के लिए जगह नहीं बची है।
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छिवलहा प्रतिनिधि के अनुसार, हथगाम ब्लाक के मकदूमपुर कला ग्राम सभा के आलमपुर गांव में मंगलवार की रात श्रीनाथ का घर गिर गया। श्रीनाथ ने बताया कि मंगलवार को दिन में छत से पानी टपकने लगा था, आशंका के चलते उसने सारा सामान निकाल लिया था। मकदूमपुर कला गांव में रामनारायण का कच्चा घर गिर गया। इसी क्रम में सलेमाबाद के ग्राम सभा के केशवपुर में बाबूलाल, तीरथ प्रसाद, गया प्रसाद, लालचंद्र, मुन्नूलाल विश्वकर्मा के कच्चे मकान गिर गए।
खागा। एसडीएम खागा आशीष कुमार ने बताया कि एक अगस्त से 10 अगस्त तक की रिपोर्ट के अनुसार, तहसील क्षेत्र में अब तक 33 मकानों के गिरने की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। मंगलवार की रात व बुधवार को बरसात तेज हुई और हवा के चलते मकानों के गिरने की सूचनाएं हैं। लेखपाल द्वारा सभी गांवों की रिपोर्ट ली जा रही है। उन्हें कह दिया गया है जिनके मकान गिर गए हैं, उनकी जांच कर उन्हें आवास योजना का लाभ दिलाया जाए। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों पर मुआवजा दिया जाएगा। जांच के बाद ही आवास या मुआवजे का लाभ मिल सकता है।
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