फतेहपुर। नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को पाक्सो कोर्ट ने 12 साल कारावास की सजा सुनाई है। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए उसका पिता न्यायालय में साढ़े चार साल से पैरवी कर रहा था।
14 जनवरी 2017 की सुबह नौ बजे थरियांव थानाक्षेत्र के एक गांव में आठ साल की बच्ची एक घर में चार्जिंग पर लगे अपने पिता का मोबाइल लेने गई थी। तभी वहां पहले से मौजूद 60 साल के रामसजीवन ने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसे धमकाया। पीड़िता ने घर आकर किसी को कुछ नहीं
बताया। दो दिन बाद उसकी हालत बिगड़ना शुरू हुई तो घरवालों को घटना की जानकारी हुई। तहरीर पर पुलिस ने बाल यौन शोषण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर रामसजीवन को जेल भेज दिया था। तबसे मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए अदालत के
समक्ष सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र सिंह भदौरिया ने पैरवी की। शुक्रवार को पाक्सो कोर्ट के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार सिंह ने सभी साक्ष्यों और गवाहों को मद्देनजर रखते हुए दोषी रामसजीवन को 12 वर्ष के कारावास की सजा सुना दी। अदालत ने इसके साथ ही उस पर 31 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।