फतेहपुर। दहेज के लिए पत्नी की गला घोंटकर हत्या करने के मामले में कोर्ट ने पति संजीत को दोषी करार दिया है। एफटीसी-2 के न्यायाधीश अजय सिंह प्रथम ने बृहस्पतिवार को उसे आजीवन कारावास और तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
खागा कोतवाली क्षेत्र के धरमंगदपुर गांव निवासी मिश्रीलाल की बेटी सविता देवी की शादी 24 जून 2019 को सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के इकौनागढ़ मजरा रसूलपुर भंडरा निवासी संजीत के साथ हुई थी। 14 मई 2020 को सविता की ससुराल में मौत हो गई थी।
मामले में सविता के भाई सुरेश ने पति संजीत, सास शकुंतला और ससुर रामराज के खिलाफ दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि संजीत दहेज में भैंस की मांग को लेकर सविता को प्रताड़ित करता था। मांग पूरी न होने पर मारपीट के बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई।
अभियोजन की ओर से कोर्ट में छह गवाह पेश किए गए। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने संजीत को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। संजीत घटना के बाद से जिला कारागार में निरुद्ध है। मामले में आरोपी सास शकुंतला और ससुर रामराज की पत्रावली अलग कर दी गई है और दोनों के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई विचाराधीन है।