अमौली। चांदपुर के गोहरारी गांव में मंगलवार रात कच्चा मकान गिरने से मां-बेटे मलबे में दब गए। हादसे में बेटे की मौत हो गई, जबकि मां घायल हो गई। एसडीएम और बीडीओ मौके पर पहुंचे। परिवार को सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
गोहरारी गांव निवासी सर्वेंद्र तिवारी गांव में ही छोटी सी परचून की दुकान चलाकर परिवार का पालन पोषण करता है। उसके साथ बड़ा भाई नरेंद्र तिवारी और छोटा भाई शैलेंद्र, मां निर्मला भी रहते हैं। मंगलवार रात करीब 12 बजे बारिश और तेज हवा के चलते जर्जर कच्चा मकान ढह गया। मलबे में सर्वेंद्र की पत्नी गुड्डी और 11 वर्षीय बेटा रौनक उर्फ शिवा दब गए। बगल में लेटा सर्वेंद्र व छोटा बेटा रचित (4) बाल-बाल बच गए।
छत और दीवार गिरने की आवाज से परिवार में हड़कंप मच गया। परिवार के लोग कमरों से बाहर निकल आए। शोर सुनकर पड़ोस के महेंद्र, गुलाब यादव, मोहम्मद अली, कल्लू साहू, अखिलेश तिवारी पहुंचे। ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद करीब एक घंटे बाद मां-बेटे को बाहर निकाला जा सका।
आनन-फानन में दोनों को सीएचसी अमौली लाया गया, जहां डॉ. पुष्कर कटियार ने रौनक को मृत घोषित कर दिया। गुड्डी को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। एसडीएम विजय शंकर तिवारी ने परिवार को आपदा सहायता राशि दिलाने का आश्वासन दिया। बीडीओ केके कमल ने आवास देने का आश्वासन दिया है। थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार सिंह ने बताया शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट राजस्व अधिकारियों को भेजी जाएगी।