फतेहपुर। घुमंतू डेरे में रज्जन नट की हत्या के मामले में पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हैं। घटनास्थल के आसपास अन्य डेरे वाले मौजूद थे लेकिन वे घायल को दो किलोमीटर दूर जिला अस्पताल नहीं ले गए।
पड़ोसियों ने मृतक की उसकी पत्नी से मोबाइल पर बातचीत भी कराई। वह इलाज की दुहाई देती रही लेकिन इसका पड़ोसी पर कोई असर नहीं हुआ।
खागा कोतवाली के पचीसा गांव के रज्जन नट हत्याकांड के मामले में पुलिस उलझीं हुई है। लखनऊ बाईपास पर करीब छह माह से नट बिरादरी के लोग डेरा जमाए हैं।
रज्जन पत्नी असगरून के साथ करीब 21 जनवरी को डेरे में रहने आया था। असगरून सोमवार को पचीसा गांव गई थी। वारदात करने वालों को इसकी जानकारी थी।
तंबू के नीचे पुआल के ढेर पर रज्जन सोया था। पुलिस सरिया जैसे हथियार का इस्तेमाल हत्या में होना मान रही है। ऐसे में हत्या के इरादे से पहुंचे कातिलों को रज्जन पर दोबारा भी हमला करना चाहिए था।
हमले में रजाई, जैकेट, बनियान तक घाव एक एंगल में हुआ है लेकिन पेट और पीठ पर घाव अलग-अलग जगह हैं। जिससे प्रहार करवट पर सोते समय करना माना जा रहा है।
मौके पर पुलिस को खून भी कम मात्रा में पड़ा मिला। ऐसे में पुलिस का अनुमान है कि हत्या कहीं और की गई है। मृतक की पत्नी असगरून ने बताया कि पड़ोसी डेरे में मुन्ना सोया था।
पति के बुलाने पर वह पहुंचा था। मुन्ना ने पति से बात कराई तो उनके होश उड़ गए। उसने मुन्ना से बोला कि अस्पताल लेकर जाओ, एंबुलेंस या फिर पुलिस को फोन करके बुला लो।
मुन्ना ने एक भी बात नहीं सुनी। पति की तड़पकर मौत हो गई। पुलिस की पूछताछ में मुन्ना ने कबूला कि रात को रज्जन के बुलाने पर वह पहुंचा था।
रज्जन ने उसे बताया कि अभी एक धमाका हुआ है। जिसके बाद पेट में घाव हुआ है। जबकि मुन्ना व अन्य लोगों ने कोई धमाका होने की बात स्वीकार नहीं की। उसने कहा कि एंबुलेंस को फोन मिलाया था लेकिन बात नहीं हो सकी थी।
हत्यारोपियों की तलाश में पहुंची पुलिस
पचीसा गांव गोकशी के लिए चर्चित है। यहां कई बार पुलिस की पिटाई हो चुकी है। हत्या में नामजद नफीस और शाहिद की तलाश में खागा पुलिस पचीसा गांव पहुंची। दोनों का कोई सुराग नहीं लगा।
पत्नी पर भी सोते समय हुआ था हमला
असगरून ने बताया कि 4 माह पहले उसका भी चाकू से गला रेता गया था। इलाज के बाद किसी तरह से बच गई थी।
उसकी पांच बेटियां शबनम, सैनब, सैना, खुशबू, सोना व एक बेटा गुड्डू है। आरोपी अपराधी प्रवृत्ति के हैं। गला काटने के बाद पुलिस से शिकायत करने पर गुड्डू को जान से मारने की धमकी दी थी। इसलिए उसने पुलिस से शिकायत नहीं की थी। उस पर हमला सोते समय हुआ था।