फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो घंटे पिता के सामने तड़पी बेटी और मौत, कोहराम

विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहपुर। जीवन दायनी संगठन की हड़ताल का गुरुवार चौथे दिन भी जारी रही। संगठन से जुड़े स्टाफ से सीएचसी, पीएचसी प्रभारियों के चाबी लेने के बाद हड़ताली कर्मचारी लखनऊ धरने में शामिल होने की तैयारी में लगे रहे। जबकि कुछ कर्मचारी तो लखनऊ शाम को रवाना भी हो गए।
विज्ञापन

वहीं, दूसरी तरफ एंबुलेंस न मिलने से एक बच्ची समेत दो लोगों की मौत हो गई। यह स्थिति तब हुई जब सीएचसी, पीएचसी प्रभारियों ने क्षेत्र के प्राइवेट चालकों को एंबुलेंस संचालन की जिम्मेदारी सौंपी है।
बिंदकी प्रतिनिधि के अनुसार कोतवाली के फिरोजपुर गांव निवासी जितेंद्र लोधी मजदूरी करते हैं। उनकी एक साल की बेटी मोहिनी को गुरुवार की शाम सांस लेने में तकलीफ हुई। परिजन बेटी को लेकर बिंदकी सीएचसी लेकर आए तो डॉक्टर ने उसे ऑक्सीजन देकर प्राथमिक इलाज किया और फतेहपुर जाने को कहा। परिजन उसे बाइक से लेकर जाने लगे तो बरसात हो गई। ऐसे में पिता जितेंद्र ने एंबुलेंस सेवा के लिए कॉल किया।
विज्ञापन

उनसे इंतजार करने को कहा गया। घंटेभर तक इंतजार करने के बाद कंट्रोल रूम से बताया गया कि सेवा नहीं मिल सकती है। ऐसे में जितेंद्र ने फतेहपुर के एक परिचित व्यक्ति से एंबुलेंस सेवा के लिए मदद मांगी। जिस पर एक घंटा और लग गया। सात बजे बिंदकी पहुंचे परिजन नौ बजे तक वहीं खड़े रहे और आखिर में मोहिनी ने अस्पताल की चौखट पर दम तोड़ दिया।
यह देख परिजनों में कोहराम मच गया। सीएचसी बिंदकी अधीक्षक डॉ. पीडी सिंह ने बताया कि अस्पताल में एक एंबुलेंस है, जिसका प्रयोग हो रहा है। परिजनों ने एंबुलेंस के लिए फोन लगाया था लेकिन हड़ताल के कारण गाड़ी की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
किशनपुर प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के जलंधरपुर गांव निवासी रमेश की मंगलवार की रात अचानक मौत हो गई। इस मामले में पिता रजोला गुरुवार को थाने पहुंचे और बताया कि उन्होंने रात में बेटे की तबीयत खराब होने पर एंबुलेंस सेवा के लिए फोन किया था लेकिन ऑपरेटर द्वारा सेवा देने से मना कर दिया गया।
ऐसे में सही समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने से बेटे की मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर पर मेसर्स जीवीकेईएमआरआई 108 एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी के खिलाफ एस्मा की धारा में मुकदमा दर्ज किया है।
उधर, असोथर प्रतिनिधि के अनुसार, सरकंडी गांव निवासी वृद्ध मैकू की तबियत खराब होने पर एंबुलेंस बुलाई गई, लेकिन एंबुलेंस नहीं मिल पाई। ऐसे में वृद्ध का बेटा राममिलन बैलगाड़ी से पिता को लेकर सीएचसी पहुंचा।
तीमारदार राममिलन ने बताया कि 108 पर कॉल किया गया था, लेकिन एंबुलेंस भेजने के मना कर दिया गया। ऐसे में पिता को इलाज के लिए बैलगाड़ी से अस्पताल लाया है। पीएचसी असोथर के चिकित्सा प्रभारी उपेंद्र कुमार ने बताया अन्य ड्राइवरों को भेज कर एंबुलेंस भेजी जाती रही हैं, लेकिन जरूरी नहीं है कि हर समय बाहरी ड्राइवर मिल ही जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें