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बच्चों की बुखार का कहर, 100 में 15 बीमार

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फतेहपुर। तेज बुखार की चपेट में आए पांच साल के बच्चे की सोमवार दोपहर हैलट में इलाज के दौरान मौत हो गई। जिला अस्पताल, बिंदकी और खागा सीएचसी में मंगलवार को 249 बाल रोगी सामने आए हैं। यह बच्चे बुखार के साथ ही जुकाम और उल्टी-दस्त से त्रस्त थे। जिला अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ डॉ. मूलचंद्र ने बच्चों को तेज धूप में लेकर न जाने और ताजा भोजन देने की सलाह दी है।
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असोथर ब्लाक के सरकंडी के मजरे मुंजी कुआं निवासी बिरजू के बेटे प्रिंस (5) को एक हफ्ते तेज बुखार आया था। परिजनों ने पहले गांव में ही झोलाछाप से इलाज कराया। हालत में सुधार न होने पर शुक्रवार को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां जांच में प्लेटलेट्स बहुत कम मिली। डाक्टर ने हैलट रेफर कर दिया। जहां सोमवार की दोपहर उसकी मौत हो गई।
उधर, इस माह की शुरुआत से खासतौर से बुखार रोगियों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। बीमार बच्चों के आंकड़े भी बढ़े हैं। अस्पतालों में आने वाले 100 रोगियों में 15 से ज्यादा बच्चे ही होते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में बाल रोग विशेषज्ञों की कमी से समस्या और बढ़ रही है।
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जिन अस्पतालों में बालरोग विशेषज्ञ हैं, उनकी ओपीडी में भीड़ जुटी रही है। सोमवार को जिला अस्पताल, बिंदकी और खागा सीएचसी में कुल 1432 मरीजों की ओपीडी हुई, जिनमें 900 से अधिक बुखार से ग्रसित मिले। इनमें 249 बाल रोगी थे। मंगलवार को कुछ सरकारी अस्पतालों में बच्चों की दवाओं का भी टोटा रहा।
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यह हैं बचाव के तरीके...
- बच्चों को उबला हुआ पानी पिलाएं।
- घर शुद्ध ताजा खाना दें। बाजार की बनी खाद्य सामग्री न खिलाएं।
- साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- तेज धूप और भीड़भाड़ से बच्चे को दूर रखें।
- बिना काम के बच्चों को घर के बाहर न जाने दें।
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