फतेहपुर। असोथर थाना क्षेत्र के सातों सुल्तानपुर गांव में छोटेलाल यादव हत्याकांड के मामले में पुलिस को ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस कहीं न कहीं हत्याकांड के पीछे नशेबाजी का विवाद मान रही है।
घटनास्थल के पास एक जनप्रतिनिधि ने खाने-पीने का आयोजन कराया था। कयास लगाया जा रहा है कि हत्याकांड को इन लोगों में ही किसी ने किसी अंजाम दिया होगा।
सातों सुल्तानपुर गांव के किसान छोटेलाल यादव की गांव में किसी से कोई रंजिश नहीं थी। उसके नाम पर महज दो बीघा खेत हैं। खेत का कोई विवाद नहीं है। परिवार में भी कोई मतभेद नहीं है।
इस वजह से वारदात अचानक होना माना जा रहा है। घटनास्थल से कुछ दूरी पर खाने पीने का गांव के जनप्रतिनिधि ने आयोजन कराया था। जिसमें 25 से 30 लोग शामिल हुए थे।
वह लोग रात 11 बजे तक मौजूद रहे हैं। पुलिस मौजूद लोगों की तलाश में जुटी है। उनसे पूछताछ में ही घटना का सुराग लगने का कयास लगाए जा रहे हैं। पुलिस ने एक ग्रामीण को पूछताछ के लिए पकड़ा है।
वह घटनास्थल से सौ मीटर दूरी पर सो रहा था। माना जा रहा है कि घटना के समय किसान ने विरोध किया होगा। इसके बाद भी किसान की चीख तक ग्रामीण को सुनाई नहीं दी। मामले में हत्या का मुकदमा मृतक के पौत्र राम मनोहर की ओर से अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज कराया गया है।
किसान की दो बेटियां शादीशुदा
मृतक किसान छोटेलाल यादव के सिर्फ दो बेटियां हैं। वह दोनों शादीशुदा है। छोटेलाल यादव पत्नी ननकी देवी के साथ घर में रहकर किसानी से अपना जीवन यापन करते थे। पुत्र न होने के कारण संपत्ति का पारिवारिक विवाद भी नहीं था।