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मौसम खराब देख मरम्मत करने से किया था इंकार

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धर्मेंद्र विश्वकर्मा उर्फ भूरा की फाइल फोटो। संवाद - फोटो : FATEHPUR
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खागा। महिचा मंदिर में शुक्रवार रात हुए सड़क हादसे में मौत का शिकार हुए धर्मेंद्र विश्वकर्मा उर्फ भूरा मिस्त्री की मौत होने की खबर जैसे ही उनके परिचितों को मिली तो वह स्तब्ध रह गए। धर्मेंद्र बचपन से ही जीटी रोड स्थित एक गैराज में काम करता था। जहां लोग उसे भूरा के नाम से जानते थे।
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परिजनों ने बताया कि रात में जब रायबरेली के रहने वाले आढ़ती ने धर्मेंद्र को फोन किया, तो उसने मौसम खराब होने की बात कहकर जाने से मना कर दिया। उसने कहा कि बरसात अधिक हो रही है, ऐसे में काम नहीं हो पाएगा।
कुछ देर बाद जब यह लोग एक गाड़ी से घर आकर प्रार्थना करने लगे तो उनकी मजबूरी समझकर धर्मेंद्र उनके साथ गाड़ी की मरम्मत करने के लिए निकल पड़ा।
घर में मौजूद पत्नी प्रियंका विश्वकर्मा को क्या पता था, अब उसका पति वापस नहीं आएगा। घरवालों ने बताया कि धर्मेंद्र की शादी 19 मई 2021 को प्रियंका के साथ हुई थी। मौजूदा समय वह पांच महीने की गर्भवती है।
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हादसे के बाद हाईवे पर लगा जाम
खागा। कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर शुक्रवार की रात 10 बजे हादसा होने के बाद जाम लग गया। हादसे की सूचना पर पुलिस ने तुरंत क्रेन की व्यवस्था कराकर पिकअप को साइड में कराया। इसके बाद वाहन निकलना शुरू हो सके। इस दौरान करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
बीच हाईवे पर बिगड़ी थी गाड़ी
घायल जुल्फिकार ने बताया कि जब गाड़ी ओवरब्रिज पर चढ़ने लगी तो स्टेयरिंग में कुछ गड़बड़ी आई। इसके बाद इंजन बंद हो गया। गाड़ी बीच हाईवे पर बंद हो गई थी। गाड़ी में शकरकंद लोड थी, इसलिए उसे धकेलकर किनारे भी नहीं किया जा सका।
तेज रफ्तार व बारिश ने ली जान
माना जा रहा है कि जब धर्मेंद्र गाड़ी बना रहा था और अन्य लोग उसकी सहायता के लिए वहां खड़े थे। इस बीच तेज रफ्तार से डीसीएम थरियांव की ओर से आई और पिकअप से टकरा गई। अनुमान है कि तेज रफ्तार व बारिश के कारण यह हादसा हुआ।
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