फतेहपुर। फसलों की सिंचाई के लिए किसान दिनेश कुमार ने वर्ष 2017 में ट्यूबवेल लगवाने के लिए आवेदन किया, तो क्षेत्र के एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने कनेक्शन कराने का आश्वास दिया।
फर्जी इस्टीमेट के कागज, इस्टीमेट के सापेक्ष जमा की गई धनराशि की रसीद और लाइन आर्डर भी दे दिया। तीन साल बीतने के बाद जब बिजली का बिल नहीं आया।
तो किसान ने विभागीय कार्यालय में बिल पता किया। लाइन आर्डर में दिए गए बुक संख्या व कनेक्शन संख्या फर्जी निकले। किसान जब पूर्व जिला पंचायत सदस्य से कनेक्शन के नाम दी गई धनराशि मांगी तो उल्टा मुकदमा में फंसाने की धमकी दी। अब किसान अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रहा है।
खजुहा ब्लाक के लाखीपुर गांव निवासी दिनेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2017 में सरकार की सामान्य योजना से ट्यूबवेल कनेक्शन कराने का आवेदन किया था।
तब एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने कनेक्शन करवा देने का आश्वासन दिया। लाइनमैन को बुलाकर सर्वे कराया। सर्वे के अनुसार विभाग में जमा की जाने वाली धनराशि 48500 रुपये उससे लिए गए।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने उसे पैसा जमा करने की रसीद दी। जिसमें दी गई धनराशि दर्ज थी। इसके बाद किसान से लाइन बनवाने और ट्रांसफार्मर, खंभा के लिए एक लाख रुपये दिए।
किसान दिनेश कुमार पाल ने बताया कि जब बिजली बिल नहीं आया तो एक अप्रैल 2021 को बिजली आफिस जाकर कागज दिखाए और बिल जमा करने की बात कही।
इस पर अधिकारियों ने जब कनेक्शन चेक किया तो मलवां ब्लाक क्षेत्र के किसान का निकला। अब किसान दिनेश कुमार पाल ने कारागार राज्यमंत्री जय कुमार सिंह जैकी व डीएम को ज्ञापन देकर न्याय की गुहार लगाई है।