असोथर। घरों में पेयजल योजना की लाइन की टोटियां सूखी पड़ी हैं। जबकि सड़कों पर इन पाइप लाइनों से फव्वारे फूट रहे हैं। यह पानी सड़कों पर भरता है।
जो कस्बावासियों और राहगीरों के लिए मुसीबत बना हुआ है। वाहनों के निकलने से इस पानी के कारण सड़क में गड्ढे हो रहे हैं। इसके बाद भी नगर पंचायत प्रशासन अनदेखी किए हैं।
असोथर को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद भी सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्र से बदतर हैं। पीने का पानी लोगों को हैंडपंप से ही भर कर लाना पड़ता है। क्योंकि पानी की टंकी से घरों के लिए जलापूर्ति करने वाली पाइप लाइन जगह-जगह टूटी है।
ऐसे में जलापूर्ति शुरू होते ही पूरे कस्बे में जगह-जगह फव्वारे फूट पड़ते हैं, जबकि घरों की टोटियां सूखी रहती हैं। यह पानी कस्बे के प्रमुख मार्ग में भर जाता है।
प्रमुख रूप से प्राइवेट बस स्टैंड, नगर पंचायत कार्यालय के सामने पाइप लाइन फटी है, जिससे पानी बहता रहता है।
नगर पंचायत ईओ अजय पांडेय ने बताया कि पाइप लाइन बहुत पुरानी है। इसलिए आए दिन लीकेज होता है। नगरी क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नई पाइप लाइन डालने का काम किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
दुकानदार अभिषेक मोदनवाल ने कहा कि कस्बे को नगर पंचायत तो बना दिया गया है, लेकिन सुविधाएं गांव से भी बदतर है। पहले को प्रधान से कह कर समस्या का समाधान करा लिया जाता था, लेकिन अब नगर पंचायत के अधिकारी अनदेखी किए हैं।
कस्बा निवासी आदित्य अग्निहोत्री ने कहा कि मुख्य मार्ग पर 500 मीटर में तीन जगह पर पाइप लाइन लीकेज है। अब गर्मी के महीने में पानी की समस्या बढ़ेेगी, लेकिन नगर पंचायत के अधिकारी इन लीकेजों को सही करने की सुधि नहीं ले रहे हैं।