यमुना नदी में शव निकालने जाते एसडीआरएफ के जवान। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
जाफरगंज। पीपा पुल की बैरीकेडिंग तोड़कर यमुना में गिरी डीसीएम के चालक का सोमवार दोपहर घटनास्थल से ढाई किलोमीटर दूर शव मिल गया। बांदा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। इधर मृतक चालक और खलासी के परिजन पहुंचे। उन्होंने शवों की पहचान की। वहीं पोकलैंड मशीनों में तार फंसाकर डीसीएम को बाहर निकाला जा सका।
बांदा की ओर से पीपा पुल के रास्ते शुक्रवार रात आ रही डीसीएम अनियंत्रित होकर यमुना में गिर गई थी। स्थानीय गोताखोरों की मदद से शनिवार को एक युवक का शव बरामद हुआ था। डीसीएम नंबर से जांच के बाद पुलिस ने गाड़ी मालिक मनोज अग्रवाल से संपर्क किया था।
जिसके बाद रविवार को मिले शव की पहचान डीसीएम के खलासी साजिद निवासी लाल दरवाजा थाना अमेठी जिला फर्रुखाबाद के रूप में हुई थी। उसके साथ चालक शकील (45) निवासी पठान टोला थाना गुरुसहायगंज जिला कन्नौज के भी होनेे का पता लगा था।
चालक शकील का शव सोमवार को जाफरगंज थाना क्षेत्र के कोरवल घाट के पास दोपहर में मिला। मछुवारों की सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने हादसे की सूचना पर पहुंचे चालक के भाई अकील से शव की शिनाख्त कराई।
जिसके बाद शव को बांदा पुलिस को सौंपा गया। अकील ने बताया कि खलासी साजिद रिश्ते में चालक का भांजा लगता है। भाई शकील के दो छोटे बच्चे और पत्नी रिजवाना
है। एसडीआरएफ टीम प्रभारी राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि शव डीसीएम के नीचे दबा रहा होगा। डीसीएम को निकालने का सुबह से प्रयास किया जा रहा था। डीसीएम के उलटने-पलटने पर शव बहा है।
पुल निर्माण में लगेंगे चार से पांच दिन
डीसीएम को निकालने के लिए पीपा पुल को तोड़ा गया है। जिसे दोबारा तैयार करने में चार से पांच दिन लगेंगे। पुल से प्रतिदिन करीब पांच सैकड़ा वाहनों का आवागमन होता है। बांदा, कानपुर, बिंदकी तहसील क्षेत्र के लोगों का अधिकांश आना जाना होता है।