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नर्सिंग होम संचालक डॉक्टर के घर लाखों की चोरी

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री के बाद खुली पड़ी अलमारी व ज्वैलरी के डिब्बे। संवाद - फोटो : FATEHPUR
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खागा(फतेहपुर)। रानीचंद्र प्रभा डिग्री कॉलेज के पास आनंद नर्सिंग होम संचालक डॉ. जोगानंद मौर्य के घर में शनिवार रात चोरी हो गई। घर के पीछे से गेट फांदकर अंदर घुसे चोरों ने छत के रास्ते आवास में प्रवेश किया और अलमारी का लॉकर खोलकर नगदी व जेवरात लेकर चले गए। सुबह जब डॉक्टर उठे तो उनका कमरा बाहर से बंद था।
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मूलरूप से पत्थरकटा फतेहपुर के रहने वाले डॉक्टर जोगानंद मौर्य वर्ष 2008 से रानीचंद्र प्रभा डिग्री कॉलेज के पास आवास बनाकर परिवार सहित रहते हैं। घर के बेसमेंट में उनका खुद का आनंद नर्सिंग होम संचालित है। जबकि ग्राउंड फ्लोर पर राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल खुला हुआ है। दूसरी मंजिल में वह परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में उनकी पत्नी रूपरानी, पुत्र सुमित व आनंद मौर्य हैं। घर के पीछे तीन किरायेदार रहते हैं। जिनके लिए पीछे से ही गेट की व्यवस्था है और सड़क भी बनी हुई है। शनिवार रात डॉक्टर जोगानंद, पत्नी रूपरानी व पुत्र आनंद एक कमरे में सो रहे थे। जबकि सुमित रोज की तरह एक व्यवसायिक प्रतिष्ठान में शाम को चला गया। करीब तीन बजे सुबह डॉक्टर जोगानंद उठे और कमरे का दरवाजा खोलना चाहा तो वह बाहर से बंद मिला। यह बात उन्होंने पत्नी को बताई। उन्होंने फोन से घर के पीछे रहने वाले पड़ोसियों को सूचित किया तो वह ऊपर पहुंचे और दरवाजा खोला।
डॉक्टर व उनकी पत्नी बगल के एक कमरा जहां अलमारी, कपड़े व अन्य सामान रखा था, वहां पहुंचे तो पता चला कि चोरी हुई है। अलमारी खुली हुई थी और ज्वेलरी के खाली डिब्बे फर्श पर बिखरे हुए थे। डॉक्टर ने सीसीटीवी कैमरा चेक करना चाहा तो पता चला कि डीबीआर भी गायब है। खबर पर कोतवाल संतोष शर्मा मौके पर पहुंचे और जांच कर तहरीर ली। कोतवाल संतोष शर्मा ने बताया कि तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। चोर घर से करीब ढाई लाख रुपये नगद व चार लाख रुपये के जेवर ले गए हैं।
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चोर को पता था घर में रखा है कैश व जेवर
चोरी करने वाले यह बात पता थी कि डॉक्टर के आवास पर इस समय नगदी व जेवरात है। दरअसल डॉक्टर ने तीन दिन पहले ही अपनी एक एंबुलेंस को ढाई लाख रुपये में बेचे हैं। जिसका पैसा अभी घर में रखा हुआ था। इसी तरह से उनकी पत्नी रूपरानी ने तीज पर्व पर करीब डेढ़ लाख रुपये के नए जेवरात खरीदे थे। इसमें डबल कुंडी की झुमकी, पांच लॉकेट और एक लॉकेट का एक-एक मंगलसूत्र शामिल है। चोर इसके साथ सोने का हार, मंगलसूत्र, एक बिजली, माथ बेंदी, बेसर, सोने के कंगन, पायल, हाफ पेटी व सोने की चेन ले गए हैं। चोरों ने केवल जिस अलमारी में नगदी व जेवर थे, उसी को खोला और लेकर चले गए। दूसरी अलमारी व अन्य चीजों को चोरों ने नहीं छुआ।
कम लोगों को ही पता है छत पर आने का रास्ता
डॉक्टर जोगानंद के आवास पर पीछे की तरफ से आने के लिए दो सीढ़ियां हैं। घर के एकदम पीछे एक सीढ़ी का दरवाजा अंदर से कैसे खुलता है, इसका पता घर के लोगों को ही है, या फिर कुछ करीबियों को। अगर नीचे से कोई छत पर आना चाहता है और दरवाजा बाहर से बंद होता है तो वह जुगाड़ से खोला जा सकता है। यह बात कम लोगों को ही पता थी।
पूरे आवास में लगे हैं सात कैमरे
डॉक्टर जोगानंद ने अपने आवास में कुल सात कैमरे लगा रखे हैं। इसमें एक कैमरा उनके कमरे के बाहर, दूसरा जिस छत से चोर अंदर पहुंचे वहां, तीसरा कैमरा घर के पीछे गेट के पास और अन्य चार कैमरे अस्पताल में लगे हुए हैं।
अलमारी के गेट थे खुले, लेकिन लॉकर बंद
जांच के दौरान यह साफ हुआ कि दो अलमारियों के गेट पहले से खुले थे। जबकि उनके लॉकर बंद थे। दोनों लॉकर की चाबियां अलमारी में ही कपड़ों के नीचे रखी जाती थी, जिसे चोरों ने सीधे उठाकर लॉकर खोला और जेवर व कैश लेकर चले गए। कमरे के बाहर टंगी डॉक्टर जोगानंद मौर्य की पैंट में रखे पांच हजार रुपये भी चोर ले गए।
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