फतेहपुर। मरीजों को सस्ते दाम पर दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल में खोले गए जन औषधि केंद्र बेमकसद बने हुए हैं। सदर अस्पताल के गेट व महिला अस्पताल के पास खुले जनऔषधि केंद्र में नौ महीने से ताला लटक रहा है। मरीज महंगे दाम पर मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए मजबूर हैं। शनिवार को अस्पताल के बाहर मेडिकल स्टोरों में दवा लेने वालों की भीड़ लगी रही।
महंगे इलाज से छुटकारा दिलाने के लिए शासन की ओर से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। शहर की प्रमुख बाजारों के अलावा जिला अस्पताल में दो प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलेे गए हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लोग केंद्रों से सस्ती दवाएं खरीदकर योजना का लाभ उठा सकें। ट्रॉमा सेंटर व महिला अस्पताल के बाहर जन औषधि केंद्र खुले हैं, लेकिन यह दोनों केंद्र नौ महीने से बंद पड़े हैं। इससे जिला अस्पताल में मरीजों को सस्ती दवाएं नहीं मिल रही हैं।
जिला अस्पताल में दवाओं की कमी होने पर चिकित्सक पर्चे में बाहर की दवा लिखते हैं। जिस पर सस्ती दवाओं की आस लगाकर मरीज प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पहुंचते तो हैं, लेकिन तालाबंदी होने से उन्हें मायूस लौटना पड़ता है। फिर जीटी रोड पर खुले मेडिकल स्टोरों से मरीज व तीमारदारों को दवाएं खरीदनी पड़ती हैं।
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र व मेडिकल स्टोर में दवाओं के दाम में अंतर
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दवा जन औषधि केंद्र मेडिकल स्टोर
पैरासिटामोल सीरप 11 32
मल्टीविटामिन सीरप 46 99
लूली कोनोजोल क्रीम 22 90
टर्बिनाफिरन टेबलेट 38 90
सिफरोक्सिम-250 63 320
पेंटा प्रोमोजल 20 60
दिसबंर से बंद हैं केंद्र, बीस तक खुलेंगे
फतेहपुर। जिला अस्पताल परिसर में खुले प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के संचालक अदित्य सिंह ने बताया कि लेन-देन के मामले को लेकर वेंडर व सरकार के बीच विवाद के कारण दिसंबर माह से दोनों केंद्र बंद हैं। वेंडर व सरकार के बीच का विवाद कोर्ट में चला गया और फैसला भी हो गया है। ऐसे में दोनों प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र 20 सितंबर तक खुलने की संभावना है। रोज पचास से अधिक लोग जन औषधि केंद्र से लौटते हैं।
केंद्र के बंद होने से बाहर से खरीदी दवा
पटेल नगर निवासी सतेंद्र कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल से इलाज चल रहा है। अस्पताल में दवा न होने के कारण बाहर से खरीदने के लिए डॉक्टर ने पर्चा लिखा है। जन औषधि केंद्र बंद मिला, तब मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ी।
पैसा न होने से केवल आई ड्रॉप खरीदा
रानी कॉलोनी निवासी दुर्गेश ने बताया कि उसके तीन वर्षीय पुत्र उमेश को आंख में दिक्कत है। जिससे वह बेटे को दिखाने के लिए सदर अस्पताल आया है। चिकित्सक ने सभी दवाएं बाहर की लिख दी है। मेडिकल स्टोर में साढ़े तीन सौ रुपये का बिल बना है। पास में सिर्फ 100 रुपये रहे हैं। इससे सिर्फ आंख में डालने की दवा ली है।