फतेहपुर। मीनाक्षी की मां ने उसके भाई व बहन को लेकर चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। इससे मां, भाई व बहन की मौत हो गई थी। जबकि घायल मीनाक्षी जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। मीनाक्षी ने शुक्रवार को कहा कि उसे पापा से डर लगता है। पापा उसे मार डालेंगे। वह अब नाना के घर जाएगी। इधर, मीनाक्षी के पिता पत्नी व दो बच्चों का क्रिया कर्म करके चले गए। उसने अस्पताल जाकर बेटी का हाल जानना भी जरूरी नहीं समझा।
लखनऊ के मड़ियांव थानाक्षेत्र के सीतापुर रोड डिडौली गांव निवासी दीप चंद्र भट्ट् का पत्नी रीतू से विवाद हो गया था। इसके बाद बुधवार को रीतू रीतू देवी (32), बेटे सागर (6), बेटी रोशनी (8) और मीनाक्षी (10) के साथ बिहार स्थित मायके जाने के लिए घर से निकली थी। वह लखनऊ के चारबाग स्टेशन से कानपुर सेंट्रल पहुंची थी। कानपुर से बीकानेर-गुवाहटी एक्सप्रेस से बिहार जाते समय रीतू देवी ने तीनों बच्चों को लेकर थरियांव थाने के टेक्सारी के पास चलती ट्रेन से छलांग लगाई थी। इससे रीतू, सागर और रोशनी की मौत हो गई थी। घटना में मीनाक्षी घायल हो गई थी। वह जिला अस्पताल में भर्ती है।
मीनाक्षी की देखभाल कर रही मौसी संगीता ने बताया कि दीपचंद्र पोस्टमार्टम के बाद पत्नी व बच्चों का अंतिम संस्कार कर गांव लौट गया। दीपचंद्र घायल बेटी का हाल जानने अस्पताल नहीं आया। रीतू की दीपचंद्र के साथ दूसरी शादी थी। पहले पति से उसे मीनाक्षी पैदा हुई थी। बाकी दोनों बच्चे दीपचंद्र के थे। बकौल संगीता शराब पीकर रीतू को दीपचंद्र प्रताड़ित करता था। वह रीतू को मीनाक्षी के साथ घर छोड़कर चले जाने के लिए कहता था।
इधर, अस्पताल में भर्ती मीनाक्षी ने कहा कि पापा उसे मार डालेंगे। खाने पीने को भी नहीं देंगे। वह नाना के घर जाएगी। पापा के साथ नहीं रहेगी। संगीता के मुताबिक उसका मायका बिहार प्रांत के पटना जिले के जगदेशपुर थानाक्षेत्र के भागलपुर गांव में है। मायके से पिता सचि चंद्र मंडल और छोटी बहन का पति राजा आ रहे हैं। उनके साथ वह भी मीनाक्षी को लेकर मायके चली जाएगी। वह बहनोई दीपचंद्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी करेगी।
...