जिले का नंबर वन बना मलवा पहरवापुर का प्राथमिक स्कूल
जिले के 27 सौ स्कूलों में मलवां ब्लाक के पहरवापुर प्राथमिक स्कूल को नंबर वन चुना गया। अच्छी पढ़ाई व सभी सुविधा से लैस इस स्कूल को विद्यालय पुरस्कार योजना में एक लाख 20 हजार रुपये पुरस्कार के लिए चुना गया है।
परिषदीय स्कूलों की व्यवस्था में सुधार के लिए शासन ने यह योजना शुरू की है। पुरस्कार में चयन होने के लिए बीस मानक तय हैं। इनमें पिछले तीन सत्रों में नामांकन घटे न हों। छात्र नामांकन 150 से कम न हो। स्कूल क्षेत्र में छह वर्ष से 14 वर्ष तक का कोई भी बच्चा पंजीकरण से वंचित न हो। बच्चों की उपस्थिति 60 प्रतिशत से कम न हो।
रंगाई-पुताई, फर्नीचर की पर्याप्त व्यवस्था हो। नियमित एमडीएम बन रहा हो। बच्चों का शैक्षिक स्तर बेहतर हो। बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय और टायलेट हों। यूनिफार्म और किताबों का शत-प्रतिशत वितरण हो चुका हो। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से मानक पूरे करने वाले 10 विद्यालयों की सूची मंगाई।
इनमें सभी का स्थलीय सत्यापन कराने के बाद प्राथमिक स्कूल पहरवापुर का चयन हुआ है। विद्यालय में हेडमास्टर नीलम सिंह भदौरिया और दो सहायक शिक्षकों की नियुक्ति है। बीएसए विनय कुमार ने बताया पूरा भवन तिरंगे रंग में पुता है।
बाहर बागवानी और अंदर बच्चों द्वारा तैयार किए गए खिलौने और डिजाइनों की सजावट है। बेसिक शिक्षा विभाग से निर्धारित मानक के अनुसार सभी कक्षाओं के बच्चों का शैक्षिक स्तर भी अच्छा है। इसी वजह से इस स्कूल का नाम पुरस्कार के लिए चयन कर भेजा गया है।