फतेहपुर। इसे सरकारी व्यवस्था कहें या फिर अफसरों की लापरवाही कि जिले के इकलौते सरकारी नेत्र चिकित्सालय में आईड्राप तक नहीं है। करीब एक साल में 11 बार अस्पताल के प्रभारी पत्र लिखकर मांग कर चुके हैं लेकिन अभी तक नतीजा सिफर ही रहा है। रोजाना डॉक्टर और मरीजों के बीच बाहर की दवा लिखने पर कहासुनी हो रही है। यहां पर दवाओं के नाम पर मरीजों को गिनी चुनी टेबलेट ही दी जा रही हैं।
जिला अस्पताल के पीछे स्थित मदनमोहन नेत्र चिकित्सालय के हालात खराब हैं। यहां प्रतिदिन 70 से 80 रोगियों का पंजीयन होता है, जिन्हें देने के लिए आईड्राप तक नहीं है। कई बार चक्कर लगाने के बाद सीएमओ स्तर से तीन-चार तरह की थोड़ी बहुत टेबलेट ही मिली हैं। ऐसे में यहां उपचार के नाम औपचारिकता से ज्यादा कुछ नहीं हो रहा है।
अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विश्वेष त्रिपाठी का कहना है कि अस्पताल को आईड्राप नहीं दिए जा रहे हैं। वर्तमान समय में नेत्र रोग की शिकायतें बढ़ी हैं। इलाज के लिए आईड्राप की अहम भूमिका है। रोगियों की रजामंदी पर उन्हें बाजार से ड्राप्स खरीदने के लिए लिखा जा रहा है।
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आईड्राप के लिए कब-कब हुआ पत्राचार
24 सितंबर 2020
01 दिसंबर 2020
12 जनवरी 2021
19 जनवरी 2021
28 जनवरी 2021
01 मार्च 2021
07 अप्रैल 2021
24 मई 2021
29 जुलाई 2021
04 अगस्त 2021
01 सितंबर 2021
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अस्पताल में दवा का स्टाक
दवा का नाम मात्रा
बी कांपलेक्स 70 टेबलेट
सीपीएम 290 टेबलेट
लियो फाक्सासिन 200 टेबलेट
रैनीटजीन 400 टेबलेट
सेफ्ट्रान 100 टेबलेट
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फोटो-3- बृजेंद्र कुमार सिंह
चक्की गांव निवासी बृजेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल में आंखों की जांच के बाद डॉक्टर ने बाजार से आईड्राप खरीदने के लिए पर्चा लिखा है। यह सरकारी अस्पताल परामर्श केंद्र बन गया है। आंखों के अस्पताल में आंखों की दवा तक नहीं है।
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फोटो-6- अवधेश कुमारी
पंचभिटा गांव निवासी अवधेश कुमारी ने बताया कि आंखों से पानी आने की शिकायत है। वह इसी का इलाज कराने आई हैं। डॉक्टर ने कहा है कि अस्पताल से सिर्फ टेबलेट ही मिल सकती हैं, आईड्राप बाजार से खरीदना होगा। पर्चा भी लिखकर दिया है।
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कोट...
कुछ दवाएं खरीदी गई हैं। बुधवार को वह जरूरी दवाएं मदनमोहन नेत्र चिकित्सालय को दे देंगे। इस अस्पताल की आईडी जनरेट न होने से यह समस्या उत्पन्न हुई है। उन्होंने जेडी को आईडी जनरेट करने के लिए पत्र लिखा है। आईडी बनने के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी।
- डॉ. राजेंद्र सिंह, सीएमओ