फतेहपुर। बुखार और डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। बुधवार को एक और बच्चे की बुखार से मौत हो गई। जबकि छह में डेंगू की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने बिंदकी तहसील क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में कैंप किया। इस दौरान डेंगू के लक्षण वाले 40 मरीजों की स्लाइडें बनाईं।
बुधवार को हथगाम के अब्दुल्लापुर के रामभवन, हिम्मतपुर की रामादेवी, छिछनी के रितेश कुमार और गंभरी की मंजू देवी के खून की सरकारी लैब में हुई जांच में डेंगू की पुष्टि की गई। अमौली प्रतिनिधि के मुताबिक, भगलापुर निवासी मिथलेश (40) और उनकी पुत्री मधु (15) दोनों कई दिनों से बुखार से पीड़ित थीं। जिनका हमीरपुर के प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहां की प्राइवेट पैथोलॉजी में मां-बेटी दोनों को डेंगू की पुष्टि हुई है।
असोथर प्रतिनिधि के मुताबिक, कुआपुर मजरे सरकंडी में लवकुश (18) पुत्र हसन निषाद को तीन दिन से बुखार आ रहा था। पहले गांव के प्राइवेट डॉक्टर से इलाज कराया। मंगलवार को परिजन उसे पीएचसी असोथर ले गए।
जहां से उसे रेफर कर दिया गया। परिजन कानपुर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए। जहां इलाज के दौरान लवकुश की मौत हो गई। सीएमओ डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गांव-गांव टीमें कैंप लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। लोगों को उपचार भी दिया जा रहा है।
पर्यावरण समिति और गंगा सुरक्षा की हुई समीक्षा
देर रात सीडीओ सत्यप्रकाश ने पर्यावरण समिति और गंगा सुरक्षा समिति की समीक्षा की। जिसमें स्वच्छता ही सेवा सप्ताह दो अक्तूबर तक मनाने के निर्देश दिए गए। पर्यावरणीय समिति की बैठक में बायोमेडिकल वेस्ट, प्लांटेशन समिति और अनुश्रवण समिति को जिला पर्यावरणीय समिति में समायोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में गंगा सुरक्षा समिति का नेतृत्व नमामि गंगे के जिला संयोजक शैलेंद्र शरण सिंपल ने किया। (संवाद)